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सोने से बनाई गई रामचरितमानस
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चेन्नई (Chennai) के वुम्मिडी (Vummidi) बंगारू ज्वेलर्स (Bangaru jewellers) ने एक भक्त के अनुरोध के बाद महाकाव्य रामचरितमानस (Ramcharitmanas) को सोने (Gold) से तैयार किया है। यह चेन्नई के वही ज्वेलर्स हैं जिन्होंने नई संसद में स्थापित ऐतिहासिक राजदंड सेंगोल को डिजाइन किया था। सोने से बने इस महाकाव्य को 17 अप्रैल को राम नवमी (Ram Navami,) अवसर पर अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर के गर्भगृह में रखा जाएगा। इस गोल्डन महाकाव्य का वजन 147 किलोग्राम है। इसमें सोने की परत चढ़े 522 वजन 147 किलोग्राम: 17 को राम मंदिर के

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चेन्नई (एजेंसी)। चेन्नई (Chennai) के वुम्मिडी (Vummidi) बंगारू ज्वेलर्स (Bangaru jewellers) ने एक भक्त के अनुरोध के बाद महाकाव्य रामचरितमानस (Ramcharitmanas) को सोने (Gold) से तैयार किया है। यह चेन्नई के वही ज्वेलर्स हैं जिन्होंने नई संसद में स्थापित ऐतिहासिक राजदंड सेंगोल को डिजाइन किया था। सोने से बने इस महाकाव्य को 17 अप्रैल को राम नवमी (Ram Navami,) अवसर पर अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर के गर्भगृह में रखा जाएगा। इस गोल्डन महाकाव्य का वजन 147 किलोग्राम है। इसमें सोने की परत चढ़े 522 पन्ने हैं। इन 522 पन्नों पर लगभग 700 ग्राम सोने का इस्तेमाल किया गया है। इस रामचरितमानस को बनाने में 8 महीनों का वक्त लगा है। इसमें 7 कांड या अध्याय है जिनमें बाल कांड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड शामिल । इस कलाकृति को अयोध्या में रामलला (Ramlala) के पास विशेष रूप से बनाए गए स्टैंड में रखा जाएगा, जिसे भक्त दूर से देख सकेंगे।

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