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जयपुर (कासं)। दिल्लीवासियों (Dehli) के दिलों पर राजस्थानी कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और खानपान की अमिट छाप छोड़कर नौ दिवसीय राजस्थान उत्सव (Rajasthan Utsav) का गुरूवार को समापन हो गया। बीकानेर हाउस (Bikaner House) में रूडा, राजस्थान (Rajasthan) पर्यटन विभाग और बीएचएमएस की ओर से आयोजित राजस्थानी हॉट बाजार (Rajasthani Hot Market) और राजस्थान उत्सव के साथ- साथ प्रदेश की संस्कृति से रूबरू करवाते अलग-अलग कार्यक्रमों ने देशी-विदेशी आगंतुकों को अपनी ओर खूब आकर्षित किया।
राजस्थान उत्सव में गणगौर (Gangaur) की सवारी के साथ साथ सांस्कृतिक संध्याओं ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। राजस्थानी परंपरानुसार राजस्थानी परिधानों में सुसज्जित महिलाओं ने मंगल कलश लेकर गणगौर सवारी निकालकर उत्सव शोभा बढ़ाई। प्रमुख आवासीय आयुक्त आलोक ने बताया कि ऐसे उत्सवों के माध्यम से राजस्थान सरकार नई दिल्ली के बीकानेर हाउस को 'गेटवे ऑफ राजस्थान'
(Gateway of Rajasthan)
के साथ राजस्थानी कला संस्कृति का दर्शनीय केंद्र बनाना चाहती है।
रूडा के ओमप्रकाश ने बताया कि उत्सव के दौरान बीकानेर हाउस परिसर में लगाए गए राजस्थानी हाट बाजार में राजस्थान के विभिन्न अंचलों के राष्ट्रीय एवं राज्य पुरूस्कार प्राप्त हस्तकलाकारों ने लगभग 35 स्टॉलों पर अपनी कला, परिधान और खानपान का सजीव प्रदर्शन कर दर्शकों को अपनी ओर खूब की आकर्षित किया। रुडा के मयंक जोशी ने बताया कि इस हाट बाजार में आगंतुकों ने जहां एक ओर राजस्थान के हस्तकलाकारों द्वारा निर्मित उत्पादों जैसे कोटा डोरिया, सांगानेरी प्रिंट, बंगरू प्रिंट, मोजडी, जयपुर बैंगल्स, ज्वेलरी, मिट्टी के बर्तन, पेंटिंग्स, इत्यादि की खूब खरीदारी की, वहीं दूसरी ओर राजस्थान के खानपान जैसे दाल-बाटी-चूरमा, मिर्ची पकौड़ा आदि स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद चखा।
उन्होंने बताया कि इस सात दिवसीय राजस्थान उत्सव के दौरान रूडा के माध्यम से लगाए गए इस राजस्थानी हाट बाजार में आर्टिजंस की करीब 24 लाख से ज्यादा की बंपर सेल हुई है जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड बिक्री है।
Editorial

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