railway track
जयपुर (कासं)। उत्तर पश्चिम रेलवे पर व्यस्ततम रेल लाइनों खण्ड पर दोहरीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। रेल लाइनों के दोहरीकरण कार्य में गति प्रदान कर उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य मार्ग फुलेरा से जोधपुर रेल मार्ग का दोहरीकरण कार्य विभिन्न चरणों में पूर्ण कर विशेष उपलब्धि प्राप्त की है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रमुख रेल मार्ग में सम्मिलित फुलेरा से जोधपुर के मध्य दोहरीकरण कार्य दो चरणों में स्वीकृत किया गया था जिनमें डेगाना-राई का बाग, 146 किलोमीटर 808 करोड रुपए की लागत से तथा डेगाना-फुलेरा, 108 किलोमीटर 1007 करोड रुपए की लागत से पूरा किया गया है। कैप्टन शशि किरण के अनुसार दिनांक 27.04.24 को रेलवे संरक्षा आयुक्त द्वारा गोविंदी मारवाड़-नावा सिटी, 9 किलोमीटर मार्ग का निरीक्षण कर इसे 95 किलोमीटर प्रति घंटा गति से रेल संचालन के लिए अनुमोदित किया। इस रेल खंड के दोहरीकरण होने से फुलेरा डेगाना रेल खंड के दोहरीकरण का कार्य पूरा हो गया है यह कार्य जनवरी 2016 में स्वीकृत किया गया था। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व डेगाना राई का बाग रेल मार्ग का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब फुलेरा से राई का बाग (जोधपुर) तक संपूर्ण रेल मार्ग दोहरीकृत हो गया है। शशि के अनुसार फुलेरा-जोधपुर उत्तर पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण मार्ग है तथा इस पर अधिक संख्या में रेलसेवाओं का संचालन होने के कारण इस मार्ग के दोहरीकरण की आवश्यकता थी, जिसे विभिन्न चरणों में पूरा किया गया। विभिन्न चरणों में दोहरीकरण करने का लाभ हुआ कि जिस रेलखण्ड का दोहरीकरण पूर्ण हो गया, उस पर रेल संचालन प्रारम्भ कर दिया गया। दोहरीकरण कार्य हो जाने से रेलसेवाओं में वृद्धि के साथ-साथ गति एवं समयपालनता भी बढ़ेगी। यात्रियों को तीव्र आवागमन का साधन उपलब्ध होगा।
Editorial

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