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कार्यालय संवाददाता जयपुर। राजस्थान (Rajasthan) में अलग अलग एनफोर्समेंट एजेंसियों (enforcement agencies) ने मार्च महीने की शुरूआत से अब तक नशीली दवाओं, शराब, कीमती धातुओं, मुफ्त बांटी जाने वाली वस्तुओं (फ्रीबीज) और अवैध नकद राशि के रूप में लगभग 507.44 करोड़ रूपये कीमत की जब्तियां की हैं। निर्वाचन विभाग के निर्देश पर लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता (aachaar sanhita) लागू होने के बाद 16 मार्च से अब तक एजेंसियों द्वारा पकड़ी गई वस्तुओं की कीमत 400.44 करोड़ रूपये से ज्यादा है।
सीजर के मामले में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। आचार संहिता लागू होने के बाद महाराष्ट्र में 277 करोड़ रूपये, पंजाब में 151 करोड़, दिल्ली में 125 करोड़, पश्चिम बंगाल में 95 करोड़, तमिलनाडू में 75 करोड़, तेलंगाना में 70 करोड़, कर्नाटक में 68 करोड़, गुजरात में 64 करोड़ और मध्य प्रदेश में 59 करोड़ रूपये मूल्य की जब्ती की गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में अलग-अलग एजेंसियां चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से संदिग्ध वस्तुओं और धन के अवैध उपयोग पर कड़ी निगरानी कर रही हैं। इसी क्रम में प्रदेश भर में लगातार जब्ती की कार्रवाई की जा रही हैं। 1 मार्च से अब तक राजस्थान में 14 जिलों में 15-15 करोड़ रूपये से अधिक मूल्य की संदिग्ध वस्तुएं और नकदी जब्त की गई है।
गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में अलग-अलग एजेंसियों की ओर से प्राप्त रिपोटों के अनुसार, 1 मार्च से अब तक 23 करोड़ 72 लाख रूपये नकद, लगभग 95 करोड़ 61 लाख रूपये मूल्य की ड्रग्स, लगभग 33 करोड़ 13 लाख रूपये कीमत की शराब और 39 करोड़ 7 लाख रूपये मूल्य की सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं की जब्ती की गई है। साथ ही, 314 करोड़ 75 लाख रूपये कीमत की अन्य सामग्री तथा 1 करोड़ 16 लाख रूपये से अधिक कीमत की मुफ्त वितरण की वस्तुएं (फ्रीबीज) भी जब्त की गई हैं।
उन्होंने ने बताया कि आचार संहिता लागू होने के बाद 16 मार्च से अब तक 22 करोड़ 76 लाख रूपये नकद, लगभग 48 करोड़ 58 लाख रूपये मूल्य की ड्रग्स, लगभग 27 करोड़ 5 लाख रूपये कीमत की शराब और 31 करोड़ 19 लाख रूपये मूल्य की सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं की जब्ती की गई है। साथ ही, 269 करोड़ 39 लाख रूपये कीमत की अन्य सामग्री तथा लगभग 95 लाख रूपये से अधिक कीमत की मुफ्त वितरण की वस्तुएं (फ्रीबीज) भी जब्त की गई हैं।
इन संदिग्ध वस्तुओं के अवैध परिवहन पर कार्रवाई करने वाली कार्यकारी एजेंसियों में राज्य पुलिस, राज्य एक्साइज, नारकोटिक्स विभाग एवं आयकर विभाग प्रमुख हैं। इन जांच एवं निगरानी एजेंसियों और विभागों द्वारा प्रदेश भर में कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी संदेहास्पद मामले पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
Editorial

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