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दुबई से गोल्ड स्मगलिंग के मामले में पांच गिरफ्तार
By EditorialPublished on
दुबई (Dubai) से सोने की स्मगलिंग (gold smuggling) कर भारत (India) में यह अवैध सोना बेचनेवाले एक गैंग के पांच शातिर बदमाशों को राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) (डीआरआई) ने गिरफ्तार किया है।

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Mumbai मुंबई। दुबई (Dubai) से सोने की स्मगलिंग (gold smuggling) कर भारत (India) में यह अवैध सोना बेचनेवाले एक गैंग के पांच शातिर बदमाशों को राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) (डीआरआई) ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में डीआईआर ने जवेरी बाजार (Zaveri Bazaar), वर्सोवा (Versova) और मुंबादेवी (Mumbadevi) इलाके में छापेमारी की कार्यवाही कर 14 किलो 497 ग्राम सोना, दो करोड़ की नकदी और 4600 पाउंड जब्त किये हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, गैंग के बदमाश प्रति किलो दो से तीन हजार रुपये कमीशन पर इस स्मगलिंग से लाये सोने की सस्ती कीमतों पर बिक्री कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम मोहम्मद रफीक रिजवी (58), महेंद्र जैन (52) और समीर मर्चेंट ऊर्फ अफजल हारून बटाटावाला (56), उमेद सिंह (24) और महिपाल व्यास (42) हैं। डीआरआई को जानकारी मिली थी कि समीर मर्चेंट गोल्ड स्मगलिंग में सक्रिय है। समीर बटाटावाला के जरिये यह काम कर रहा था। इसके बाद भारतीय बाजार में सोने का डिस्ट्रीब्यूशन करने के लिये रिजवी को सोना दिया जाता था। मझगांवके दलाल महेंद्र जैन के जरिये गोल्ड बेचा जाता था। पिछले कई दिनों से डीआरआई अधिकारी इस जांच में जुटे हुये थे। जवेरी बाजार में दो जगहों से यह कामकाज चल रहा था। इसी जानकारी के आधार पर डीआरआई ने यह छापेमारी की कार्यवाही की थी। डीआरआई के मुताबिक, दुबई से अमजद नामक शख्स स्मगलिंग के जरिये यह गोल्ड भारत में भेजता था। यहां समीर मर्चेंट और उसकी पत्नी ज्योति किट्टी गैंग के अन्य सदस्यों को यह गोल्ड बिक्री के लिये देते थे। मर्चेंट इससे पहले 1997 में हांगकांग से विदेशी मुद्रा अवैध तरीके से लाने के मामले में गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद उसे साल 2004 में अहमदाबाद एसीबी ने गिरफ्तार किया था। साल 2013 में समीर मर्चेंट जेल से छूटकर बाहर आया था। उसने अपना नाम अफजल बटाटावाला से बदलकर समीर मर्चेंट रख लिया था।

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