Congress Alliance
जयपुर ( कार्यालय संवाददाता)। इंडिया गठबंधन (India Alliance) के सहयोगी दलों के साथ राजस्थान (Rajasthan) में भी कांग्रेस (Congress) की गठबंधन (alliance) को लेकर बातचीत चल रही है। राजस्थान में फिलहाल गठबंधन को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। कांग्रेस 3 सीटों पर गठबंधन को लेकर बातचीत कर रही है, लेकिन उस पर फाइनल फैसला होना अभी बाकी है। मुकुल वासनिक और अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सहित पांच सदस्यीय अलायंस कमेटी ही राजस्थान में गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला करेगी।
पांच नेताओं की कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति गठबंधन करने या नहीं करने पर अंतिम फैसला करेगी। कांग्रेस के रणनीतिकार राजस्थान में गठबंधन को लेकर जल्द अंतिम नतीजे पर पहुंचने वाले हैं।
गठबंधन पर फैसला होने के बाद ही राजस्थान में कांग्रेस उम्मीदवारों की घोषणा होगी। तीन सीटों पर गठबंधन की बातचीत चल रही है। बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट पर भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) से गठबंधन को लेकर चर्चा चल रही है। हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी से नागौर और बाड़मेर सीट पर गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है।
दो बार से अकेले दम पर लड़ रही है कांग्रेस, लेकिन खाता नहीं खुला
कांग्रेस राजस्थान में पिछले दो लोकसभा चुनावों में लगातार कोई सीट नहीं जीत पाई है। साल 2009 के बाद कांग्रेस लोकसभा चुनावों में खाता ही नहीं खोल पाई है। इस बार कांग्रेस को विधानसभा चुनावों के रिजल्ट के बाद लोकसभा में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इसीलिए गठबंधन को लेकर भी बातचीत जारी है।
नहरी क्षेत्र और आदिवासी बेल्ट में कांग्रेस की रणनीति अलग
कांग्रेस ने नेहरी क्षेत्र, आदिवासी बेल्ट, शेखावाटी और मारवाड़ की चुनिंदा सीटों के लिए अलग रणनीति बनाई है। कांग्रेस के रणनीतिकार श्रीगंगानगर सीट पर खुद को तुलनात्मक रूप से मजबूत मानकर चल रहे हैं। यहां भी अंदरूनी तौर पर सीप्र.म. से गठबंधन हो सकता है। आदिवासी बेल्ट में महेंद्रजीत सिंह मालवीया के भाजपा में जाने से कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट पर कांग्रेस बीएपी के साथ गठबंधन करने को लेकर बातचीत कर रही है। नागौर और बाड़मेर सीटों पर हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी से गठबंधन की चर्चाएं हैं। नागौर से पिछली बार की कांग्रेस उम्मीदवार ज्योति मिर्धा और कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार हैं। आदिवासी बेल्ट में बीएपी का प्रभाव है। इसलिए गठबंधन का प्रयास किया जा रहा है।
Editorial

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