Sandeshkhali - Pratahkal
Sandeshkhali case कोलकाता (एजेंसी)। प्रधानमंत्री (Prime Minister) ने बुधवार को संदेशखाली (Sandeshkhali) की पीड़ित (victims) महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ित महिलाओं ने प्रधानमंत्री को आपबीती सुनाई और प्रधानमंत्री मोदी ने संयम के साथ पीड़िताओं की बात सुनी। पीड़ित महिलाएं प्र.म. मोदी (PM Modi) से मिलकर भावुक हो गई क्योंकि एक पिता की तरह प्रधानमंत्री ने पीड़ित महिलाओं के दर्द को समझा और ध्यान से उनकी व्यथा सुनी।
प्र. म. से मिलकर भावुक हुई पीड़ित
संदेशखाली की कई महिलाओं ने बीते दिनों शाहजहां शेख (Shahjahan Sheikh) समेत कई टीएमसी नेताओं पर उनकी जमीन पर कब्जा (land grab) करने और यौन शोषण
(sexual harrasment)
के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके चलते संदेशखाली में काफी हंगामा हुआ। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी बंगाल (Bengal) दौरे पर पहुंचे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में एक रैली को संबोधित किया। संदेशखाली भी बशीरहाट के तहत ही आता है। इसी दौरान प्रधानमंत्री ने संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं के समूह से मुलाकात की। पीड़ित महिलाओं ने भावुक होकर प्रधानमंत्री को अपने ऊपर हुए जुल्म की दास्तां सुनाई, जिसे पीएम मोदी ने बड़े ध्यान और संयम से सुना । भाजपा नेताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के दर्द को समझा और उन्हें ढांढस बंधाया। भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने यह जानकारी दी।
रैली में टीएमसी सरकार पर जमकर बरसे प्र.म. मोदी
प्रधानमंत्री ने रैली के दौरान भी राज्य की टीएमसी सरकार पर निशाना साधा और संदेशखाली की घटना पर कहा कि बंगाल की ये भूमि नारी शक्ति की बहुत बड़ी प्रेरणा केंद्र रही है, लेकिन इसी धरती पर टीएमसी के राज में नारी शक्ति के खिलाफ घोर पाप हुआ। संदेशखाली में जो कुछ भी हुआ, उससे किसी का भी सिर शर्म से झुक जाएगा, लेकिन टीएमसी सरकार को आपके दुख से कोई फर्क नहीं पड़ता। टीएमसी सरकार महिलाओं के गुनहगारों को बचाने में पूरी शक्ति लगा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नारीशक्ति के आक्रोश का ये ज्वार संदेशखाली तक सीमित नहीं रहने वाला। तुष्टिकरण और टोलाबाजों के दबाव में काम करने वाली टीएमसी सरकार कभी भी बहन-बेटियों को सुरक्षा नहीं दे सकती।
Editorial

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