Virat Kohli
मुंबई ( कार्यालय संवाददाता)। भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज (ind vs eng series) कई मायनों में रोहित शर्मा एंड कंपनी (Rohit Sharma and co.) के लिए एक एसिड टेस्ट (acid test) थी । न केवल यह भारत के सामने एक ऐसी टीम की प्रतिद्वंद्विता थी, जिसने पिछले कुछ वर्षों में अपने रास्ते में आने वाली लगभग हर टीम के खिलाफ जीत हासिल की थी, बल्कि टीम इंडिया खुद भी कुछ सीनियर खिलाड़ी की गैरमौजूदगी झेल रही थी। भारतीय टीम ने दिग्गज खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भी इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) ने निजी कारणों से सीरीज से नाम वापस ले लिया था। विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल
(KL Rahul)
और रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) भी सीरीज से बाहर हो गए थे। रोहित शर्मा की कप्तानी में युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। सुनील गावस्कर युवा खिलाड़ियों की तारीफ की लेकिन इसे विराट कोहली पर तंज माना जा रहा है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने कहा कि भारत को इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह बड़े नामों के लिए एक संदेश है जो सोचते हैं कि भारत उनके बिना नहीं जीत सकता। उन्होंने कहा, तीन साल पहले भारत जब ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गया था, तब भी कई बड़े नाम नहीं खेल रहे थे, लेकिन टीम फिर भी गाबा सहित सीरीज जीतने में सफल रही थी । एडिलेड में पहले टेस्ट में 36 रन पर ऑल आउट होने के बाद भारत ने मेलबर्न में जीत हासिल की और सिडनी में डॉ खेला। उन्होंने सिडनी टेस्ट मैच बचाने के लिए कड़ी मशक्कत की। अगर ऋभ पंत आधे घंटे तक क्रीज पर रहते तो भारत वो मैच भी जीत सकता था। उस ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान युवा भारतीय खिलाड़ियों ने जो जज्बा दिखाया था, वह इस बार इंग्लैंड के खिलाफ भी दिख रहा था ।
'दिल वाले खिलाड़ियों की जरूरत'
गावस्कर ने कहा- इसलिए मैं हमेशा कहता हूं, आपको बड़े नामों की जरूरत नहीं है। अगर कोई बड़ा नाम सोचता है कि भारत उसके बिना नहीं जीतेगा तो इन दो सीरीज ने दिखा दिया है कि आप वहां हैं या नहीं। क्रिकेट एक टीम खेल है। यह किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं करता है। कप्तान रोहित शर्मा और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने जिस तरह टीम को मैनेज किया है, उन्हें श्रेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौका दिया, उन्हें ढाला और उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे पता चलता है कि हमारे पास बड़े नाम हों या नहीं, अगर हमारे पास बड़े दिल वाले खिलाड़ी हैं तो हम जीत सकते हैं।
Editorial

Editorial

Next Story