✕
राजस्थानी मेवाड़ एकता संघ के होली सम्मेलन में खूब जमा रंग
By EditorialPublished on
राजस्थानी मेवाड़ एकता संघ (Rajasthani Mewar Ekta Sangh) द्वारा षणमुखानंद हॉल (Shanmukhananda Hall) माटुंगा (Matunga) में आयोजित मेवाड़ होली महोत्सव (Mewar Holi Festival) व कवि सम्मेलन (Kavi Sammelan) में कवियों ने काव्य रचनाओं का पाठ कर होली को यादगार बना दिया। कवियों ने हास्य, व्यंग्य और वीर रस की कविताएं पेश कर श्रोताओं को बांधे रखा। उन्होंने महंगाई, कन्या भ्रूण हत्या, देशभक्ति, पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से तार-तार हो रहे रिश्तों सहित ज्वलंत मुद्दों को उठाए। कार्यक्रम की पहली कड़ी में राजसमंद भाजपा (BJ

x
मुंबई। राजस्थानी मेवाड़ एकता संघ (Rajasthani Mewar Ekta Sangh) द्वारा षणमुखानंद हॉल (Shanmukhananda Hall) माटुंगा (Matunga) में आयोजित मेवाड़ होली महोत्सव (Mewar Holi Festival) व कवि सम्मेलन (Kavi Sammelan) में कवियों ने काव्य रचनाओं का पाठ कर होली को यादगार बना दिया। कवियों ने हास्य, व्यंग्य और वीर रस की कविताएं पेश कर श्रोताओं को बांधे रखा। उन्होंने महंगाई, कन्या भ्रूण हत्या, देशभक्ति, पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से तार-तार हो रहे रिश्तों सहित ज्वलंत मुद्दों को उठाए। कार्यक्रम की पहली कड़ी में राजसमंद भाजपा (BJP) जिलाध्यक्ष मानसिंह बारहठ, संस्था प्रमुख दिनेश बोहरा, मेघराज धाकड़, विमल डाँगी आदि ने महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) व शिवाजी महाराज (Shivaji Maharaj) के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
हास्य कवि शशिकांत यादव के संचालन में कवि सम्मेलन की शुरुआत कवयित्री यशोदा सोलंकी ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद मनोज गुर्जर ने हास्य व्यंग्य की कविताएं सुनाईं। गुर्जर ने ठेठ मेवाड़ी भाषा में हास्य व्यंग्य के ऐसी फुलझड़ियां बिखेरी कि लोग देर तक लोटपोट होते रहे। राम भदावर ने देशभक्ति से जुड़ी कविता मैं क्या दूंगा इस मिट्टी को... का वाचन कर माहौल को अलग रंग दिया। सुरेश अलबेला ने हास्य व्यंग्य की पोटलियां खोली और जमकर ठहाके लगवाए। भीलवाड़ा से आए हास्य कवि दीपक पारीक ने ‘भविष्य के अक्षर हाथों काले मत करो, बच्चों को संस्कार दो, मोबाइल के हवाले मत करो’ कविता पेश कर अभिभावकों को कर्त्तव्य का भान करवाया। अंतिम चरण में कवि शशिकांत यादव ने हास्य कविताएं सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। कवि सम्मेलन के मध्य विशेष प्रस्तुति देने आए बॉलीवुड कलाकार वीआईपी ने सिनेमा कलाकारों की आवाज़ें निकालकर लोगों को हंसाया। उन्होंने देशभक्ति पर आधारित कार्यक्रम पेश कर लोगों के अंदर देशभक्ति का ज्वार भर दिया।
17 वर्ष की शानदार परंपरा
संस्था अध्यक्ष दिलीप पगारिया ने कहा कि संस्था द्वारा 17 वर्षों से राजस्थान (Rajasthan) के प्रवासियों को होली पर एक स्वस्थ कवि सम्मेलन के माध्यम से अपनी माटी से जोडे रखने का प्रयास किया जा रहा है। हम निकट भविष्य में इसे आपके सहयोग से आगे ले जाने की तमन्ना रखते हैं।
सात जिलों का संगम
महामंत्री मनीष सिंयाल ने कहा कि यह सम्मेलन मेवाड़ के सात जिलों के प्रवासियों का प्रतिनिधित्व करता है। सिंयाल ने संस्था की विकास यात्रा पर भी विचार रखे। संस्था कोषाध्यक्ष अजीत धाकड़ ने आयोजन सहयोगियों व उपस्थित प्रवासियों का आभार ज्ञापित किया।
शांतिभाई ने दिया मोटिवेशन
मोटिवेशन गुरू शांति भाई गुलेच्छा ने होली (Holi) पर ज्ञानवर्धक कहानी सुना युवा पीढ़ी को होली के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने जीवन मूल्य के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि जब तक हमारे जीवन में लक्ष्य को प्राप्त करने की ईमानदारी नहीं होगी, हम किसी भी चीज में सफलता प्राप्त नहीं कर पाएंगे।
इनका हुआ सम्मान
कार्यक्रम सहयोगी रोशनलाल महावीर विमल डांगी परिवार, सोहनलाल मेघराज अजीत आरव हार्दिक धाकड़ परिवार, हेमलता मुकेश अनिकेत संघवी परिवार, रोशनलाल दिनेशचंद्र दिलीप महेंद्र विजय अमित पगारिया परिवार, हरीश मनीष त्रिशा मानवी सिंयाल परिवार, तरुण तनीश ओस्तवाल परिवार, नरेंद्र रोशनलाल इंटोदिया परिवार, विमल सरदारसिंह बोल्या परिवार, मनोज चांदमल मेहता परिवार, प्रकाश दिलीप हिम्मत कच्छारा परिवार, भोलीलाल कोठारी परिवार, विनोद प्रभा पलक पलाश कोठारी परिवार, दिनेश अंकित सिंघवी परिवार, सुरेश राजावत परिवार, गुणवंत खेरोदिया परिवार, सोहनलाल अनिल सियाल परिवार, भैरूलाल राठौड़ परिवार, कमलेश लादुलाल गडोलिया परिवार, नीलम जितेश मारु परिवार, किशन धाकड लीलादेवी अमृतलाल दीपक आंचलिया परिवार, दिलीप सोनी परिवार का सम्मान मेवाड़ी पगड़ी व स्मृति चिन्ह देकर किया गया।
इनका रहा योगदान
कार्यक्रम सफल बनाने संस्था प्रमुख दिनेश बोहरा, संरक्षक मेघराज धाकड़, रोशनलाल बोहरा, रोशनलाल पगारिया, हरिलाल सिंयाल, रोशनलाल डांगी, निर्मल लोढ़ा, सोहनलाल धाकड़, रमेश पामेचा, हिम्मत कच्छारा, महावीर डांगी, मुकेश संघवी, नवलसिंह सुराणा, चौथमल सांखला, मांगीलाल लोढ़ा, गुणवंत खेरोदिया, दिनेश कोठारी, महेन्द्र पगारिया, प्रकाश कागरेचा, नरेन्द्र इटोदिया, मनोज मेहता, निमेश राठौड, मनीष सांखला, विमल डांगी, रवि एम. सिंयाल, दिनेश सिंघवी, कमलेश मडोलीया, विमल बोल्या, अनिल सियाल, नरेन्द्र नवलखा, जयंती परमार, मितेश भरसारीया, किशनसिंह बल्ला, भैरुलाल लोढा, विष्णु पाराशर, मुकेश ढीलीवाल, विमल कोठारी, सुरेश राजावत, महेन्द्र चंडालिया, नरेश सिंयाल, तरुण ओस्तवाल, विनोद कोठारी, जितेन्द्र मारु, पारस पामेचा, भेरुलाल राठोड, पंकज चंडालिया आदि का योगदान रहा। इस अवसर पर मेवाड़ संघ मुंबई अध्यक्ष भैरू लाल लोढ़ा, महामंत्री प्रकाश नाहर, कोषाध्यक्ष फूलचंद नाहर, चतरलाल लोढ़ा, किशन परमार, रोशनलाल बडाला, महिला मंडल अध्यक्ष कंचन सिंघवी, महामंत्री लीला खरवड, कन्या मंडल अध्यक्ष रिया सियाल महामंत्री खुशी पगारिया, तेरापंथ समाज के नरेंद्र तातेड़ आदि मौजूद रहे।

Editorial
Next Story
Related News
X
