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महापौर ने दिया स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
By EditorialPublished on
जयपुर (कासं)। घूमो जयपुर अभियान के तहत नगर निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर बुधवार को सुबह 6.30 बजे मानसरोवर के रोज गार्डन पहुंची। जहां उन्होंने आमजन के साथ वॉक किया साथ ही आसपास की साफ- सफाई भी की। आमजन को गीले- सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की।

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जयपुर (कासं)। "घूमो जयपुर" अभियान के तहत नगर निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर बुधवार को सुबह 6.30 बजे मानसरोवर के रोज गार्डन पहुंची। जहां उन्होंने आमजन के साथ वॉक किया साथ ही आसपास की साफ- सफाई भी की। आमजन को गीले- सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की। वर्ल्ड हैप्पीनेस डे के अवसर पर उन्होंने आमजन को शुभकामना दी। साथ ही उन्होंने आमजन के साथ लाफ्टर योगा भी किया।
महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने "घूमो जयपुर" अभियान क्लीन जयपुर ग्रीन जयपुर के तहत बुधवार को रोज गार्डन मानसरोवर में उपस्थित आमजन, सामाजिक संगठनों एवं अन्य प्रबुद्ध लोगों के साथ शहर को स्वच्छ और हरित बनाने के लिये प्रतिबद्ध किया। उन्होंने रोज गार्डन में आमजन से हमारे पर्यावरण और प्रगति को हरित भविष्य बनाने का उद्देश्य दिया। उन्होंने रोज गार्डन में गुलाब का पौधा लगाया तथा उसका नाम खुशीराम नाम दिया।
उन्होंने पेड़ों को परिवार के रूप में विकसित करने की संकल्पना को विकसित करने के लिये भी कहा। उन्होंने आमजन से गार्डन को सुंदर और आकर्षित बनाने के साथ ही 100 पौधे लगाने का संकल्प लिया। महापौर ने स्वयं 20 कदम स्वच्छता का संकल्प लिया।
उन्होंने आमजन से घूमो जयपुर के तहत दर्षनीय स्थल के सुझाव मांगे और इस अभियान में लोगों से सक्रिय रूप से भाग लेने और शहर को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में अपील की।
पिंक सिटी की प्रथम महिला ने कहा कि जयपुर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की आपकी अपनी पहल है घूमो-जयपुर ढूंढो- विरासत। आमजन से जुड़े इस कार्यक्रम में लोगों के जो सुझाव आ रहे हैं उनको गंभीरता के साथ नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात किसी भी विचार, पहल या कार्यक्रम या योजना को जमीनी स्तर पर उतारकर उसे क्रियान्वित कराना है। इससे भी ज़्यादा अहम बात है उस काम के सतत् निरंतर टिकाऊ रूप से बने रहना। जैसे वन विभाग, कृषि विभाग, नगरीय विकास विभाग, हाउसिंग बोर्ड या नगर निगम सबने मिलकर इतने पेड़ पौधे लगा दिये हैं कि तो अगर सब के सब वृक्ष बन जाते पूरे प्रदेश में एक इंच ज़मीन नहीं बचती। लेकिन हकीकत ये है अधिकांश वृक्षारोपन काग़ज़ों में ही रह जाता है।

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