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पिता की परंपरागत हाजीपुर सीट से ही चुनाव लड़ेंगे चिराग पासवान
By EditorialPublished on
नई दिल्ली (एजेंसी)। बिहार में NDA के सीट बंटवारे के दो दिन बाद चिराग पासवान ने बड़ा ऐलान किया है। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के चीफ चिराग पासवान अपने पिता की परंपरागत हाजीपुर सीट से ही चुनाव लड़ने जा रहे हैं। उन्होंने बुधवार को इसका ऐलान किया है।

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नई दिल्ली (एजेंसी)। बिहार में NDA के सीट बंटवारे के दो दिन बाद चिराग पासवान ने बड़ा ऐलान किया है। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के चीफ चिराग पासवान अपने पिता की परंपरागत हाजीपुर सीट से ही चुनाव लड़ने जा रहे हैं। उन्होंने बुधवार को इसका ऐलान किया है।
दरअसल, दो दिन पहले (18 मार्च) ही एनडीए में बिहार की लोकसभा सीटों को लेकर बंटवारा हुआ है। इस बंटवारे में भाजपा 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जेडीयू के खाते में 16 सीटें आई हैं। चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 5 सीटें मिली हैं। वहीं, जीतनराम मांझी की पार्टी एचएएम को 1 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनता दल को एक सीट मिली है।
दरअसल, चिराग पासवान के पिता दिवंगत रामविलास पासवान हाजीपुर सीट से 9 बार सांसद रहे। वैसे तो रामविलास 1969 में राजनीति में आ गए थे। लेकिन पूरे देश ने उनका नाम 1977 में तब सुना, जब उन्होंने हाजीपुर में रिकॉर्ड बना दिया। 1977 के चुनाव में रामविलास पासवान ने जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को सवा चार लाख वोटों के अंतर से हरा दिया था। ये पहली बार था जब किसी नेता ने इतनी बड़ी जीत हासिल की थी। ये जीत इतनी बड़ी थी कि
उनका नाम गिनीज बुक में भी दर्ज किया गया।
इसके बाद हाजीपुर सीट पर रामविलास पासवान का दबदबा बन गया। 1984 और 2009 का चुनाव छोड़कर वो बाकी सभी चुनावों में यहां से जीते। वो यहां से 9 बार सांसद रहे। आखिरी बार रामविलास पासवान ने 2014 में यहां से लोकसभा चुनाव लड़ा। इसके बाद वो राज्यसभा में चले गए। 2019 में उनके छोटे भाई पशुपति पारस यहां से सांसद बने।

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