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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिल्डर की 64 करोड़ की संपत्तियां ईडी ने जब्त की
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मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कमला लैंडमार्क ग्रुप कंपनीज (Kamla Landmark Group Companies) के मालिक जितेंद्र जैन और उनके पार्टनर पर्वत शेट्टी के स्वामित्व की 64 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की है।

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मुंबई। मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कमला लैंडमार्क ग्रुप कंपनीज (Kamla Landmark Group Companies) के मालिक जितेंद्र जैन और उनके पार्टनर पर्वत शेट्टी के स्वामित्व की 64 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की है।
ईडी (ED) ने इस बाबत जानकारी देते हुये बताया कि जितेंद्र जैन ने शेट्टी के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश के तहत कमला लैंडमार्क ग्रुप कंपनीज की एक कंपनी लैंडमार्क बिल्डर्स का मालिकाना हक फर्जीवाडे के तहत शेट्टी को हस्तांतरित कर दिया था। इसके बाद शेट्टी ने इस मालिकाना हक को मूल स्वामित्व को छिपाने के लिये अपने रिश्तेदारों को हस्तांतरित किया था। जब्त संपत्तियों में शहर में 33 करोड़ की कुल कीमत के कई फ्लैट्स, जैन के स्वामित्व की 16 करोड़ की कृषि जमीन और शेट्टी के स्वामित्व के 15 करोड़ की कुल कीमत के फ्लैट्स शामिल हैं।
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और अन्य कई पुलिस स्टेशन्स में फर्म के विरुद्ध 37 एफआईआर दर्ज की गई थीं। ईडी ने इस मामले में कमला लैंडमार्क के खिलाफ जांच शुरु की थी। दर्ज एफआईआर के मुताबिक, फर्म पर फ्लैट खरीदारों और निवेशकों के साथ ही बैंकों से कुल मिलाकर 408 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।
ईडी के मुताबिक, जैन और अन्य ने कमला लैंडमार्क कंपनीज के जरिये बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कर्ज हासिल किया था। इन कर्जों में से 111 करोड़ रुपये की रकम का कर्ज नॉन परफॉर्मिंग असेट्स में तब्दील हो गया था। आरोपियों ने लोगों और संस्थाओं से इसके अलावा 297 करोड़ रुपये बतौर एडवांसेस लिये थे और बदले में फ्लैट्स और यूनिट्स देने का वादा किया था लेकिन कोई वादा पूरा नहीं किया गया।

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