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इन्फ्लूएंसर का सहारा ले रहीं पार्टियां
By EditorialPublished on
देश में दुनिया - के सबसे बड़े चुनावी उत्सव की तैयारियां शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दल (political party) मतदाताओं के मनोविज्ञान पर असर डालने के लिए व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग मंच और सोशल मीडिया 'इन्फ्लूएंसर्स' (Social media influencers) का सहारा ले रहे हैं। विज्ञापन गुरूओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने यह जानकारी दी।

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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में दुनिया - के सबसे बड़े चुनावी उत्सव की तैयारियां शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दल (political party) मतदाताओं के मनोविज्ञान पर असर डालने के लिए व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग मंच और सोशल मीडिया 'इन्फ्लूएंसर्स' (Social media influencers) का सहारा ले रहे हैं। विज्ञापन गुरूओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने यह जानकारी दी।
सियासी दल 2024 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) से पहले अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने तथा मतदाताओं से समर्थन मांगने के लिए व्यापक पैमाने पर सोशल मीडिया (social media) का इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा व्हाट्सऐप पर 'प्रधानमंत्री की ओर से पत्र' भेजकर मतदाताओं से जुड़ने का प्रयास कर रही है और नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मतदाताओं से 'फीडबैक' ले रही है। व्हाट्सऐप के भारत में हर महीने 50 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता होते हैं। वेबसाइट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में किए गए विकास कार्यों को दिखाते कई लघु वीडियो भी हैं। वहीं, कांग्रेस 'राहुल गांधी व्हाट्सऐप समूह' चलाती है जिसमें राहुल लोगों से संवाद करते हैं और उनके सवालों का जवाब देते हैं।
व्हाट्सऐप पर सूचनाओं के प्रसार की निगरानी जिला स्तर पर की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह जनता तक पहुंचे और पार्टी के मतदाता आधार को मजबूत करे। बेहतर मंच साबित हो रहे चुनावी विश्लेषक और समीक्षक अमिताभ तिवारी ने कहा कि जिस भी राजनीतिक दल के अधिक व्हाट्सऐप समूह हैं, वह मतदाताओं से तेजी से और बेहतर तरीके से संवाद कर सकता है। डिजिटल माध्यम चुन रहे इंस्टाग्राम और ट्विटर (अब एक्स) जैसे कई अन्य मंच हैं जो जनता के एक खास वर्ग की आवश्यकताओं को पूरी करते हैं और उनके अलग-अलग प्रारूप हैं। नेता चुनाव प्रचार में डिजिटल माध्यम को चुन रहे हैं।

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