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नई दिल्ली (एजेंसी)। लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) के लिए भाजपा (BJP) की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट में दो राजघरानों (royal families) के वंशजों के नाम भी शामिल हैं। 72 उम्मीदवारों बाली इस लिस्ट में त्रिपुरा (Tripura) की महारानी कृति सिंह देबबर्मा (Maharani Kriti Singh Debbarma) और पूर्ववर्ती मैसूरू शाही परिवार (Mysore royal family) के प्रमुख यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार (Yaduveer Krishnadutt Chamaraj Wadiyar) का नाम भी है। भाजपा ने कृति सिंह देबबर्मा को त्रिपुरा पूर्व सीट से मैदान में उतारा गया है, जबकि वाडियार राजवंश के 'राजा' मैसूर सीट से चुनाव लड़ेंगे।
दरअसल, भाजपा अब तक अपनी दो लिस्टों में कुल 267 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर चुकी है। हालांकि, इनमें से 2 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया है। अब तक इन दोनों उम्मीदवारों की जगह पार्टी ने किसी और नाम का ऐलान नहीं किया है।
कौन हैं त्रिपुरा के शाही परिवार की महारानी कृति सिंह
महारानी कृति सिंह देवबर्मा टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक और त्रिपुरा शाही परिवार के मुखिया प्रद्योत माणिक्य देववर्मा की बड़ी बहन हैं। वह आगामी लोकसभा चुनाव में पहली बार चुनावी मैदान में उतरेंगी। हालांकि उनके माता पिता राजनीति में सक्रिय थे और कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे। उनके पिता, किरीट बिक्रम देववर्मा तीन बार सांसद थे और उनकी मां विभु कुमारी देवी दो बार कांग्रेस विधायक रह चुकी हैं और त्रिपुरा के राजस्व मंत्री के रूप में भी काम कर चुकी हैं। किरीट देवबर्मा त्रिपुरा के अंतिम राजा भी थे। किरीट बिक्रम किशोर माणिक्य की सबसे छोटी बेटी कृति ने अपनी स्कूली शिक्षा शिलांग के लोरेटो कॉन्वेंट से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने पर्यावरण शिक्षा और प्रबंधन कार्यक्रम के साथ-साथ गुजरात में वरिष्ठ प्रबंधन और ग्रामीण विकास पाठ्यक्रम में डिप्लोमा किया। वह 1992 से 1994 तक शिलांग में पशु कल्याण अधिकारी रहीं। उनकी शादी छत्तीसगढ़ के पूर्व कवर्धा राज शाही परिवार के वंशज योगेश्वर राज सिंह से हुई।
कृक्ति सिंह देबबर्मा अपने भाई की पार्टी की सदस्य हैं, लेकिन भाजपा के चुनाव चिन्ह के तहत चुनाव लड़ेंगी। देववर्मा की उम्मीदवारी टिपरा मोथा के हाल ही में त्रिपुरा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के बाद आई है। कृति सिंह की बहन कुमारी प्रज्ञा देबबर्मा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में त्रिपुरा पूर्व सीट से चुनाव लड़ा था।
मैसूर शाही के 27वें राजा हैं यदुवीर
भाजपा की दूसरी लिस्ट में शामिल दूसरा नाम मैसूर के शाही परिवार के यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार का है। 32 वर्षीय यदुवीर जयरामचंद्र वाडियार के पोते हैं। जयरामचंद्र वाडियार मैसूर के 25वें और आखिरी राजा थे। यदुवीर अपने चाचा और वाडियार राजवंश के 26वें राजा श्रीकांतदत्त नरसिम्हराजा वाडियार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे। श्रीकांतदत्त नरसिम्हराजा वाडियार चार बार मैसूर से सांसद रह चुके हैं। यदुवीर को 2015 में पूर्ववर्ती मैसूरू शाही परिवार के प्रमुख के रूप में ताज पहनाया गया था। इसके बाद वह वाडियार राजवंश के 27वें 'राजा' बन गए।
यदुवीर को प्रमोदा देवी वाडियार ने अपने पति श्रीकांतदत्ता वाडियार की मृत्यु के बाद गोद लिया था। यदुवीर की शुरूआती पढ़ाई बेंगलुरू के विद्यानिकेतन स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनके पास अंग्रेजी साहित्य और अर्थशास्त्र की डिग्री है। वह पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं और भाजपा ने उन्हें मैसूर सीट से टिकट दिया है, जहां शाही परिवार का अच्छा खासा दबदबा है।
वाडियार राजवंश ने 1399 से 1947 तक मैसूरू राज्य पर शासन किया, जिसके अंतिम राजा जयचामाराजेंद्र वाडियार थे, जिन्होंने 1940 से 1947 में भारत की आजादी तक शासन किया। वह 1950 में भारत के गणतंत्र बनने तक मैसूरू के राजा बने रहे। यद्वीर वाडियार जयचामाराजेंद्र वाडियार की सबसे बड़ी बेटी राजकुमारी गायत्री देवी के पोते हैं।
Editorial

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