✕
सेमी कंडक्टर का हब बनेगा भारत
By EditorialPublished on
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्र.म. नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीन सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

x

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्र.म. नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीन सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें से दो प्लांट गुजरात और एक असम में स्थापित किए जाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बुधवार को सेमीकंडक्टर उत्पादन से जुड़ी करीब सवा लाख करोड़ रूपए की तीन परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है। ये भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन का एक ग्लोबल हब बनाने में मदद करेगा।
प्र.म. ने कहा, आज का ये दिन ऐतिहासिक है आज हम इतिहास रच रहे हैं और उज्जवल भविष्य की तरफ बहुत बड़ा मजबूत कदम भी उठा रहे हैं। भारत अब दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा मैन्युफैक्करर है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने सत्ता में रहते हुए हजारों करोड़ के घोटाले किए लेकिन सेमीकंडक्टर बनाने में हजारों करोड़ का निवेश नहीं किया।
'चिप मैन्युफेक्चरिंग इंडस्ट्री असीम संभावनाओं से भरी हुई'
प्रधानमंत्री ने कहा, चिप मैन्युफेक्चरिंग सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं है, ये विकास का वो द्वार खोलती है, जो असीम संभावनाओं से भरा हुआ है। इस सेक्टर से न सिर्फ भारत में रोजगार के नए अवसर बनने वाले हैं बल्कि तकनीकी उन्नति के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति होने वाली है। प्र.म. ने कहा, हम एक तरफ देश में तेजी से गरीबी कम कर रहे हैं और दूसरी तरफ भारत में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्तर का भी निर्माण कर रहे हैं, देश को आत्मनिर्भर भी बना रहे हैं। सिर्फ 2024 में ही अब तक 12 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा की योजना का लोकार्पण और शिलान्यास हो चुका है।
21वीं सदी टेक्नोलॉजी से चलने वाली'
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा, 21वीं सदी टेक्नोलॉजी से चलने वाली है और इलेक्ट्रॉनिक चिप के बिना उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। मेड इन इंडिया चिप, भारत में डिजाइन की गयी चिप, भारत को आत्मनिर्भरता और आधुनिकता की तरफ ले जाएगी। प्र.म. मोदी ने कहा, आज युवा देख रहे हैं कि भारत किस तरह प्रगति के लिए, आत्मनिर्भरता के लिए, ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी उपस्थिति के लिए चौतरफा काम कर रहा है। इन प्रयासों से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और आत्मविश्वास से भरा युवा कहीं भी हो, बो अपने देश का भाग्य बदल देता है।
इन सेमीकंडक्टर परियोजनाओं में गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला 'फैब' संयंत्र और साणंद में 'आउटसोड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' केंद्र (ओएसएटी) शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने असम के मोरीगांव में 27,000 करोड़ रूपये की लागत वाले 'आउटसोसूंड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' (ओएसएटी) परियोजना का भी वर्चुअल तरीके से शिलान्यास किया।

Editorial
Next Story
Related News
X
