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मुंबई। शासनश्री साध्वी सोमलता (Sadhvi Somlata) की स्मृति सभा (Smriti Sabha) का आयोजन दादर (Dadar) में हुआ। इस अवसर पर मुनि कमल कुमार (Muni Kamal Kumar) ने कहा कि साध्वीश्री मेरी संसार पक्षीया ज्येष्ठ भगिनी थी। उन्होंने मुझे परमानन्द की राह पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने आगे कहा कि साध्वीश्री के जीवन में तीन आकड़ों का अधिक योग था। उन पर तीन गुरुओं व तीन साध्वी प्रमुखाओं का वरद हस्त रहा। उन्होंने साध्वी प्रमुखा के संदेश की जानकारी दी। मुनि जम्बूकुमार ने शासनश्री साध्वी कंचन प्रभा के संदेश का वाचन किया। मुनि अमन कुमार, नमि कुमार ने विचार रखे। मुनि मोहजीत कुमार, मुनि रमेशकुमार, मुनि सुमतिकुमार के भी संदेश मिले। मुनि पुनीत कुमार, मुकेश कुमार ने मौन श्रद्धांजलि दी। साध्वी शकुंतला कुमारी ने कहा कि गुरुदेव तुलसी की कृपा से 41 वर्ष तक साध्वीश्री की छत्रछांव में रही। उन्होंने मुझे जो दिया उसे शब्दों में बांधना कठिन है। साध्वी पुण्ययशा ने कहा कि साध्वी सोमलता ने वेदनीय कर्म को पराजित कर इहलोक से तीसरे मनोरथ के साथ विदा ली। साध्वी संचितयशा ने कहा कि वे पर पीड़ा को हरण करने वाले थे। साध्वी जागृतप्रभा ने शासनश्री साध्वी संघमित्रा के संदेश व साध्वी रक्षितयशा गुरुदेव के संदेश का वाचन किया। साध्वी वर्धमानश्री ने साध्वी निर्वाणश्री व योगक्षेमप्रभा द्वारा रचित गीत का, महिला मंडल
(Mahila Mandal)
ने साध्वी राकेशकुमार (बायतु) गीत का संगान किया | साध्वी बोधिप्रभा ने बोधित्व प्राप्त करने की कामना की।
चातुर्मास (Chaturmas) व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदन तातेड़, मुम्बई सभाध्यक्ष नवरतन गन्ना, मंत्री दीपक डागलिया, सुरेश गोयल, नरेन्द्र तातेड़, किशन डागलिया, गौरव कोठरी, दादर सभाध्यक्ष गणपत, मंत्री छोटुलाल जैन, युवक परिषद् अध्यक्ष अरविंद, मंत्री पियूष जैन, महिला मण्डल अध्यक्ष इंदु, सुमति गोठी, दिलीप सरावगी, भंवरलाल कर्णावट, विमल सोनी, सूरजमल दुगड़, निर्मल भंसाली, अशोक मेहता, विनोद बोहरा, केवल गोयल, मनोहर, भारती सेठिया, नीलेश चण्डालिया, शिल्पा आर्या, राखी जैन, सुनीता जैन ने श्रद्धांजलि दी।
Editorial

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