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श्रीरामलला के द्वार पर राजस्थान सरकार
By EditorialPublished on 12 March 2024 5:30 AM IST
Rajasthan Government - भगवान रामलला (Shri Ramlalla) की प्राण प्रतिष्ठा (Pran Pratishtha) के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Chief Minister Bhajanlal Sharma) सोमवार को अपने मंत्रिपरिषद् के सदस्यों और विधायकों (Council of Ministers and MLAs) के साथ पहली बार अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे।

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अयोध्या (एजेंसी)। भगवान रामलला (Shri Ramlalla) की प्राण प्रतिष्ठा (Pran Pratishtha) के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Chief Minister Bhajanlal Sharma) सोमवार को अपने मंत्रिपरिषद् के सदस्यों और विधायकों (Council of Ministers and MLAs) के साथ पहली बार अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर (Shri Ram Mandir) में रामलला के दर्शन किए और पूजा अर्चना कर देश- प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री जब मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अयोध्या पहुंचे तो एकबारगी ऐसा लगा मानो श्रीरामलला सरकार के द्वार पर उनके दर्शन करने पूरी राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ही पहुंची है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम हमारी आस्था के केन्द्र हैं, वे हमारे रोम-रोम में बसे हैं। इस दुनिया में सब कुछ करने वाले राम हैं। सब राम की ही महिमा है। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में भगवान रामलला के टेंट में दर्शन किए थे, अब इस भव्य और दिव्य मंदिर में भगवान के दर्शन करना अभिभूत करने वाला है। रामलला के दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों एवं अन्य सहयोगियों के साथ जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए पूरे श्रद्धा भाव के साथ सस्वर हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने राम मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों और कारीगरों से आत्मीयता पूर्वक संवाद किया। साथ ही, उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र पदाधिकारियों से मुलाकात भी की अयोध्या पहुंचते ही मुख्यमंत्री यहां स्थित दशरथ कुंड में अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर की ओर से आयोजित सरस्वती देवी शिव किशन दम्मानी भवन के भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन की पूर्णाहुति में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें आज अयोध्या की पवित्र भूमि पर भगवान श्रीराम मंदिर के नव्य और भव्य मंदिर में शीश नवाने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में बना यह विराट एवं सुंदर मंदिर रामभक्तों की जिजीविषा और उनके पांच सौ साल के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रामभक्त के तौर पर उन्हें भी राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान देने का अवसर मिला था। उन्होंने आंदोलन के अनुभव भी साझा किए। इस दौरान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उत्तर प्रदेश विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, राजस्थान सरकार के मंत्री, सांसद सी.पी. जोशी, सांसदगण, विधायकगण, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण, समाजसेवी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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