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मुंबई। टैक्सपेयर्स (taxpayers) अब अपनी वास्तविक कमाई का ब्यौरा घोषित करने के लिये सालाना रिटर्न फाइलिंग (annual return filing) का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। आयकर विभाग (Income tax department) ने इसी के सिलसिले में एक ई-अभियान (e-campaign) शुरु किया है और लोगों को जानकारी दी जा रही है कि वर्ष 2023-24 में उल्लेखनीय वित्तीय लेनदेनवाले इनकम टैक्सपेयर्स अपने एडवांस टैक्स की देयता का सटीक मूल्यांकन करें और 15 मार्च से पूर्व अपना निर्धारित टैक्स का भुगतान कर दें।
टैक्स अधिकारियों ने उन टैक्सपेयर्स और कंपनियों को चिन्हित किया है जिनके वर्ष 2023-24 के लिये टैक्स के भुगतान उनकी इस साल की कमाई के आंकड़ों और ब्यौरे से मेल नहीं खा रहे। इस पूरी कवायद का मकसद टैक्सपेयर्स को उनके सही टैक्स भुगतान के लिये प्रेरित करना है।
उल्लेखनीय वित्तीय लेनदेन से मतलब वे लेनदेन हैं जिनके तहत बड़ी कीमत के सौदे और निवेश शामिल हैं लेकिन जो उनकी घोषित कमाई के साथ मेल नहीं खाते।
एडवांस टैक्स का भुगतान मुख्य रुपये वेतनभोगी, फ्रीलांसर्स और कारोबारी करते हैं जिनकी सालाना टैक्स देयता 10 हजार रुपये से अधिक है. वरिष्ठ नागरिक जिनकी कारोबारी कमाई है, उन्हें भी यह एडवांस टैक्स अदा करना होता है। कारोबारी, पेशेवर जिन्होंने प्रीजम्प्टिव टैक्स स्कीम का विकल्प लिया है। ऐसे सभी टैक्सपेयर्स को एडवांस टैक्स अदा करना है और इनकम टैक्स विभाग चाहता है कि ये अपने एडवांस टैक्स की सटीक गणना कर तद्नुसार एडवांस टैक्स अदा करें।
Editorial

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