acharya mahashraman in nerul - Pratahkal
मुंबई। आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) अपने प्रवास के क्रम में धवल सेना के साथ नेरुल पहुंचे। जयघोष से पूरा नेरुल महाश्रमणमय बन रहा था। स्वागत जुलूस के साथ आचार्यश्री एनआरबी कॉलेज परिसर पहुँचे।
प्रवास स्थल से कुछ दूर स्थित तेरना कॉलेज ग्राउण्ड में बने श्रीसमवसरण के पण्डाल में उपस्थित जनता को पाथेय प्रदान करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में ज्ञान का बहुत महत्त्व होता है। यथार्थपरक ज्ञान हो तो बहुत अच्छी बात होती है। स्वाध्याय, अध्ययन अच्छा होता है तो आदमी का ज्ञानात्मक विकास होता है। ज्ञान की देवी सरस्वती हैं। तीन प्रकार की शक्तियों की कामना सभी मानव को होती है। आदमी धनवान होना चाहता है, धन की देवी लक्ष्मी हैं, आदमी ज्ञान चाहता है, ज्ञान की देवी सरस्वती हैं और आदमी बलवान होना चाहता है तो शक्ति की देवी दुर्गा हैं। वह इन तीनों को प्राप्त करने का प्रयास भी करता है, किन्तु एक ही जन्म में यह तीनों शक्तियां अपार रूप में किसी एक को ही प्राप्त हो जाए, ऐसा कोई विरल ही होगा। कोई धनवान है तो विद्यावान नहीं है, कोई विद्यावान है तो धनवान नहीं है, कोई धनवान है तो बलवान नहीं है। इस प्रकार किसी न किसी एक या दो कमी रहती है। इन तीन के साथ-साथ आदमी को चरित्रवान भी बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों में सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति की चेतना का विकास होता रहे।
साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने भी नेरुलवासियों को उद्बोधित किया। स्वागत में स्थानीय स्वागताध्यक्ष आनंद सोनी, युवक परिषद अध्यक्ष कांति कोठारी ने अभिव्यक्ति दी। महिला मण्डल ने स्वागत गीत का संगान किया। नवी मुम्बई के महापौर जयवंत सुतार ने स्वागत किया।
अभिनंदन में मुम्बई प्रवास व्यवस्था समिति महामंत्री महेश बाफना, जीएसटी कमिश्नर राजेश कोठारी, महिला मण्डल की अध्यक्ष प्रियंका सिंघवी, ठाणे के पूर्व सांसद संजीव नाईक ने अभिव्यक्ति दी। युवक परिषद ने गीत का संगान किया। ज्ञानार्थियों, कन्या मण्डल व किशोर मण्डल ने प्रस्तुति दी।
acharya mahashraman in nerul - Pratahkal
आचार्य प्रवर, मुख्य मुनि महावीर कुमार, साध्वी प्रमुखा विश्रुत विभा, साध्वीवर्या संबुद्ध यशा व धवल सेना का नेरुलवासियों ने पलक पावड़े बिछाकर अभिनंदन किया।
मुंबई प्रवास व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदनलाल तातेड, मुख्य प्रबंधक मनोहरलाल गोखरू महामंत्री सुरेंद्र कोठारी, महेश बाफना, कोषाध्यक्ष गौतम कोठारी, बाबूलाल समदरिया, किशनलाल डागलिया, भूपेश कोठारी, बी सी भलावत, संदीप कोठारी मुख्य उपस्थित रहे।
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स्वागताध्यक्ष आस्था ग्रुप, फेफ़ीबाई चन्दनमल रेखा आनंद आयुष काव्य एवं सोनी परिवार, सोहन बाई रूपलाल विमला देवेंद्र शिवानी जयेश बोहरा परिवार का सहयोग रहा।
कार्यक्रम ऐतिहासिक बनाने तेरापंथ समाज नेरुल के साथ युवक परिषद, महिला मंडल कन्या मंडल किशोर मंडल ज्ञानशाला परिवार संघीय संस्थाओं के साथ प्रवास व्यवस्था समिति मुंबई का भी सहयोग रहा।
Editorial

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