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अजित पवार ने चाचा को झटका देने के लिए चला बड़ा दांव!
By EditorialPublished on
केंद्रीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को कई महीनों तक चली सुनवाई के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) (NCP) के नाम और चुनाव चिन्ह पर अहम फैसला सुनाया। इस नतीजे से महाराष्ट्र (Maharashtra) के डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) को बड़ी राहत मिली है। आयोग ने अजित पवार के गुट को एनसीपी पार्टी का नाम और सिंबल देने का फैसला किया है। इस बीच, बुधवार को अजित पवार गुट ने शीर्ष का दरवाजा खटखटाया है और सुप्रीम कोर्ट में कैविएट पिटीशन दायर की।

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मुंबई । केंद्रीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को कई महीनों तक चली सुनवाई के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) (NCP) के नाम और चुनाव चिन्ह पर अहम फैसला सुनाया। इस नतीजे से महाराष्ट्र (Maharashtra) के डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) को बड़ी राहत मिली है। आयोग ने अजित पवार के गुट को एनसीपी पार्टी का नाम और सिंबल देने का फैसला किया है। इस बीच, बुधवार को अजित पवार गुट ने शीर्ष का दरवाजा खटखटाया है और सुप्रीम कोर्ट में कैविएट पिटीशन दायर की। इस पिटीशन में अजित खेमे ने चुनाव आयोग द्वारा उसे असली एनसीपी घोषित करने के आदेश को शरद पवार गुट की ओर से चुनौती दिये जाने की स्थिति में उसका पक्ष भी सुने जाने का अनुरोध किया गया है। जानकारी के मुताबिक, वकील अभिकल्प प्रताप सिंह के जरिए सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की गई है। पिटीशन यह सुनिश्चित करने के लिए दायर की गयी है कि अगर शरद पवार (Sharad Pawar) गुट सुप्रीम कोर्ट का रुख करता है तो अजित पवार गुट के खिलाफ एकतरफा आदेश पारित न किया जाए और उसका भी पक्ष सुना जाए। खबर है कि मुंबई स्थित एनसीपी के मुख्यालय पर भी अजित पवार गुट ने दावा ठोका है, जिसका दूसरा खेमा विरोध कर रहा है। बता दें कि चुनाव आयोग ने मंगलवार को घोषणा की कि अजित पवार गुट ही असली एनसीपी है। आयोग ने आदेश में अजित पवार के नेतृत्व वाले ग्रुप को एनसीपी का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ भी आवंटित किया है। चुनाव आयोग का यह फैसला एनसीपी संस्थापक शरद पवार के लिए बहुत बड़ा झटका है। कांग्रेस से अलग होने के बाद शरद पवार ने कुछ अन्य नेताओं के साथ मिलकर एनसीपी पार्टी का गठन किया था।

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