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नई दिल्ली (एजेंसी)। मार्च महीने की शुरूआत भाजपा (BJP) लोकसभा (Loksabha) उम्मीदवारों की पहली लिस्ट से कर सकती है। 29 फरवरी को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (Central Election Committee) की मीटिंग है, जिसमें खुद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) मौजूद रहेंगे। इस मीटिंग में उन 130 सीटों पर सबसे पहले बात होगी, जहां आज तक भाजपा जीत नहीं सकी है। माना जा रहा है कि पहली लिस्ट में करीब 150 नाम होंगे और इनमें ये 130 सीटें भी शामिल होंगी। कुछ बड़े चेहरों को मुश्किल सीटों से उतारा जा सकता है ताकि पार्टी को फाइट में लाया जा सके। मीटिंग में अमित शाह (Amit Shah), जेपी नड्डा (JP Nadda), राजनाथ सिंह
(Rajnath Singh)
और बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) समेत कई सीनियर नेता भी रहेंगे।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि पहली लिस्ट में यूपी की रायबरेली जैसी कुछ कठिन सीटों के अलावा दक्षिण भारत पर जोर रहेगा। भाजपा का मानना है कि यदि पहले ही उम्मीदवारों का ऐलान हो जाएगा तो कठिन सीटों पर भाजपा को 50 दिनों का टाइम मिलेगा। यही रणनीति पार्टी की एमपी में भी थी, जहां उसने काफी पहले ही 39 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए थे। माना जा रहा है कि पहली लिस्ट में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और एस. जयशंकर जैसे नेताओं के भी नाम हो सकते हैं। इसके अलावा प्रल्हाद जोशी का नाम भी हो सकता है। इस मसले पर सवाल पूछा गया तो जोशी ने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि यह तो केंद्रीय चुनाव समिति का फैसला होगा।
कहा जा रहा है कि पीयूष गोयल भी उत्तर मुंबई सीट से उतर सकते हैं। उनके बारे में तो वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के चीफ गोजी ओकोंजो-इवियाला के कॉमेंट से भी चर्चा शुरू हो गई है। पीयूष गोयल आबु धाबी में चल रही डब्ल्यूटीओ समिट में नहीं पहुंचे हैं। इसे लेकर जब डब्ल्यूटीओ चीफ से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि पीयूष गोयल की राजनीतिक व्यस्तता चल रही है और वह खुद अपने लिए भी सीट चाहते हैं। उनके इस बयान से यह साफ हो गया कि अब तक राज्यसभा के मेंबर रहे पीयूष गोयल भी चुनाव में उतर सकते हैं।
प्रधान उतरेंगे ओडिशा से और भूपेंद्र यादव को हरियाणा से मौका
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान के बारे में चर्चा है कि वह ओडिशा की संबलपुर या ढेंकानाल सीट से लड़ सकते हैं। इसके अलावा भूपेंद्र यादव को हरियाणा की रेवाड़ी जैसी किसी सीट से उतारा जा सकता है। इसे हरियाणा की अहीरवाल बेल्ट माना जाता है। बता दें कि भाजपा ने इस बार राज्यसभा चुनाव में जेपी नड्डा, अश्विनी वैष्णव, एल मुरुगन और सुधांशु त्रिवेदी जैसे नेताओं को ही दोबारा राज्यसभा भेजा है। इसके अलावा बाकी नेताओं को मौका नहीं मिला है। यही नहीं चर्चा यहां तक है कि जिन नेताओं को लगातार आसान सीटों से जीत मिल रही है, उन्हें कहीं और से उतारा जाए।
Editorial

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