Pratahkal-Electricity-Tata Power
मुंबई । टाटा पॉवर (Tata Power) ने अपने अल्प बिजली (Electricity) खपत वर्ग के ग्राहकों के लिये बिजली किराये में एक अप्रैल से बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की है जबकि उच्च खपत वर्ग के बिजली ग्राहकों के लिये उसने ऐसी कोई दरवृद्धि की पेशकश नहीं की है। टाटा पॉवर के इस प्रस्ताव से मध्यम आय वर्ग और झुग्गी बस्तियों के ग्राहकों पर महंगी बिजली का बोझ पड़ना तय है जिससे इस प्रस्ताव का विरोध किया जा रहा है।
अब मंगलवार को सार्वजनिक सुनवाई के दौरान एमईआरसी ने भी टाटा पॉवर को इस प्रस्ताव पर कुछ सुझाव दिये हैं। एमईआरसी ने कंपनी को अल्प खपत के पहले दो वर्गों को मिलाकर उन्हें सब्सिडी का लाभ दिया जा सकता है और साथ ही नसीहत दी है कि उच्च खपत वर्ग के ग्राहकों को इस तरह किराये में कोई भी छूट देना ठीक नहीं है। टाटा पॉवर की इस दर वृद्धि और छूट की पेशकश का ग्राहकों, कार्यकर्ता, वकीलों और नेताओं के एक बड़े वर्ग ने विरोध किया है। प्रस्ताव के तहत कंपनी ने अल्प खपत वर्ग के ग्राहकों के लिये अर्थात 0 से 100 तथा 101 से 300 यूनिट प्रतिमाह खपत वाले ग्राहकों के लिये 58 से 120 फीसदी की दर वृद्धि प्रस्तावित की है। जबकि उच्च खपत वर्ग के लिये केवल 2.9 फीसदी की दर वृद्धि प्रस्तावित है। इस मसले पर एमईआरसी चेयरमैन संजय कुमार ने तमाम सुझावों/आपत्तियों को विचार में लिया है। इस माह के अंत तक वर्ष 2024-25 के लिये टाटा पॉवर के लिये किराया तय कर दिया जायेगा। जानकारों के मुताबिक, इस दर वृद्धि से ग्राहकों का एक बड़ा वर्ग अन्य बिजली कंपनियों की सेवाएं हासिल करने हेतु प्रोत्साहित होने की संभावना है क्योंकि इस दर वृद्धि से उन पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ने जा रहा है। जबकि कंपनी ने अपने उच्च खपत वर्ग के ग्राहकों पर जरूरत से ज्यादा मेहरबानी दिखाई है।
Editorial

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