Gogamedi family will take out a walking justice march till Chief Ministers residence - Pratahkal
जयपुर (कासं)। बुधवार को पिंकी सिटी प्रेस क्लब में शीला सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sheela Sukhdev Singh Gogamedi) पत्रकारों से रूबरू हुई और बताया की सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के बाद सर्व समाज में आक्रोश पैदा हो गया था, जिसे वर्तमान भाजपा सरकार (BJP Government) के प्रतिनिधियों ने बखूबी सम्भाल लिया और संघर्ष समिति द्वारा रखी गयी सभी मांगों को भी स्वीकार कर के लिखित वादा पूर्व प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र सिंह जी राठौड़ द्वारा किया गया था। आज उन्ही मांगों के लिए सुखदेव गोगामेड़ी परिवार व अजित राजावत परिवार को यह साफ नहीं हो पा रहा है कि वो न्याय की गुहार ले कर किस जगह जाए! उनकी प्रमुख मांगो हत्याकांड के प्रत्येक पहलु को उजागर करना था, इसके लिए एनआईए द्वारा जाँच अवशय की जा रही है, लेकिन अभी तक इस जांच की दिशा और पहलु साफ़ नहीं हो पाया है, जबकि एनआईए द्वारा अभी 90 और दिवस का समय कोर्ट में माँगा गया है, क्या इन अगले 90 दिन में गोगामेड़ी के हत्यारो को सजा मिल जायेगी। इसके अलावा पीड़ित परिवारों को तुरन्त प्रभाव से आर्थिक सहायता एंव आश्रित को एक सरकारी नौकरी के वादे को किये हुए आज 80 दिन बीत चुके है, लेकिन इस सम्बन्ध में आज दिन तक उनसे अथवा उनके परिवार से ना कोई मिलने और ना ही किसी ने उन्हें आश्वासन दिया है, ये आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी का वादा पूरा होने में और कितना समय और लगेगा। सुखदेव सिंह जी लगातार अपनी सुरक्षा की मांग पिछले लम्बे समय से उस वक्त की सरकार, पुलिस और प्रशासन से कर रहे थे उनको सुरक्षा किस के कहने पर नहीं दी गयीए यह जांच का विषय है इसके लिए विशेष जांच समिति का गठन सरकार द्वारा किया जाना थाए लेकिन आज दिन तक उस समिति के गठन का जिक्र भी नहीं किया गया है। उन्होंने आगे बताया की मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और मीडिया के माध्यम से वो वर्तमान प्रदेश एंव केंद्र की भाजपा सरकार को अवगत करवाना चाहती है कि क्या यह सब सरकार के संज्ञान में है अथवा आज दिन तक ये बाते सरकार से छुपी हुई थी क्या सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए दृढ संकल्प है या फिर उस वक्त कि स्थिति को देखते हुए मात्र राजनितिक वादे किये गए थेघ् क्या सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को न्याय दिलवाने के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ेगा। यदि आगामी 3 मार्च तक सरकार द्वारा मांगों पर कोई सकारात्मक पहल करते हुए निश्चित समय सीमा तय नहीं की जाती है तो उनके द्वारा सर्व समाज को साथ ले कर गोगामेड़ी पैतृक आवास से मुख्यमंत्री आवास तक एक पैदल न्याय यात्रा के माध्यम से सरकार और उनके प्रतिनिधियों को याद दिलवाएंगे की सरकार द्वारा गोगामेड़ी और अजित राजावत परिवार को लिखित में उनके हक़ देने का वादा किया गया था जो एक वादा मात्र था यदि उनको अपने हक के लिए लिए सड़को पर संघर्ष करना पड़ेगा तो ये अमर शहीद सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और अजित राजावत की शहादत का अपमान होगा जिसे सर्व समाज कभी सहन नहीं करेगा।
Editorial

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