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प्रेगनेंसी में हेल्दी बेबी पाने के लिए जरूर खाएं ये चीजें
By EditorialPublished on
Pregnancy : प्रेगनेंसी में पूरे 9 महीने तक एक महिला को एकदम फिट और बीमारियों से बचकर रहने की जरूरत होती है। इसके लिए हेल्दी डाइट लेना, व्यायाम करना और तनाव को दूर रखना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है।

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Pregnancy : प्रेगनेंसी में पूरे 9 महीने तक एक महिला को एकदम फिट और बीमारियों से बचकर रहने की जरूरत होती है। इसके लिए हेल्दी डाइट लेना, व्यायाम करना और तनाव को दूर रखना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है। खाने-पीने में ऐसी चीजें शामिल करनी चाहिए जो बच्चे की सेहत के लिए भी फायदेमंद हों। आप जो भी खाना खाती हैं उसका असर आपके गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी होता है। इसीलिए आयुर्वेद हो या फिर डॉक्टर की सलाह गर्भावस्था में सभी हेल्दी खाने के लिए कहते हैं। आइये जानते हैं गर्भावस्था के दौरान ऐसी कौन सी चीजें हैं जिन्हें डाइट में शामिल करने से बच्चे और मां की सेहत अच्छी रहती है।
प्रेगनेंसी में कौन सी चीजें जरूर खानी चाहिए?
डेयरी प्रोडक्ट्स- प्रेगनेंसी में महिलाओं को डाइट में दूध और दूध से बनी चीजों को शामिल करना चाहिए। इससे कैल्शियम की कमी पूरी होती है और प्रोटीन भी मिलता है। दूध और दही खाने से बॉडी हाइड्रेट रहती है। अगर आपको भैंस का दूध नहीं पचता है, तो आप गाय के दूध का इस्तेमाल कर सकती हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां गर्भावस्था के दौरान डाइट में हरी सब्जियों की माला ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। इससे शरीर में आयरन की कमी दूर होती है और जरूरी विटामिन भी मिलते हैं। गर्भावस्था में महिलाओं को पालक, पत्ता गोभी और ब्रोकली जरूर शामिल करनी चाहिए। इसके अलावा खीरा और टमाटर भी खाने चाहिए।
ड्राई फ्रूट्स- मेवा खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और आप फिट महसूस करते हैं। गर्भावस्था में सीमित माला में भीगे हुए बादाम खा सकते है। इसके अलावा अखरोट और पिस्ता भी फायदेमंद माने जाते हैं। अगर शुगर की समस्या नहीं हो तो किशमिश 'भी खा सकते हैं। कोई भी ड्राई फ्रूट 2-3 खाने से नुकसान नहीं होता है।
सीजनल फल- गर्भावस्था में सीजन फल जरूर खाने चाहिए। खासतौर से रोजाना 1 सेब को डाइट का हिस्सा बना लें। अमरूद, केला और बेरीज भी फायदा पहुंचाती है। प्रेगनेंसी में संतरा और कीवी जैसे फल भी खा सकते हैं। इससे शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।
ओट्स-प्रेगनेंसी में कुछ महिलाओं को पाचन से जुड़ी समस्या होने लगती है। इसलिए डाइट में फाइबर से भरपूर ओट्स जरूर शामिल कर लें। ओट्स खाने से कॉन्स्टिपेशन की परेशानी कम होती है। ओट्स से महिला को फोलिक एसिड मिलता है जो शिशु को सुरक्षित बनाने में मदद करता है।

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