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मुंबई ( कार्यालय संवाददाता)। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) भाजपा (BJP) और अजित पवार (Ajit Pawar) के साथ होने वाली सीटों के बंटवारे की बैठक में महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों (Lok Sabha seats) में से 23 सीटों पर दावा करने वाले हैं। इनमें से 18 सीटें पर शिंदे का पूरा जोर रहेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सांसदों के साथ हुई बैठक में लिया गया है। जो शेष चार सीटें शेष बचेंगी उनके बारे में अंतिम फैसला लेने का अधिकार सांसदों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सौंपा है। इसके अलावा पिछले चुनाव में जो चार सीटें शिवसेना थोड़े अंतर से हारी थी जिनमें रायगढ़, शिरूर, औरंगाबाद और अमरावती की सीट शामिल है पर भी दावा करने की बात सांसदों ने कही। सांसदों ने एकनाथ शिंदे से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि उद्धव ठाकरे को छोड़कर उनके साथ आए शिवसेना के 18 में से तेरह सांसदों को उनकी संबंधित सीटों पर बरकरार रखा जाए।
प्रधानमंत्री मोदी होंगे मुख्य चेहरा
बैठक के दौरान दूसरा बड़ा फैसला यह लिया गया कि जल्द ही शिवसेना की राज्य स्तरीय कैंपेन समिति बनाई जाएगी। बैठक में कहा गया कि लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा। प्रचार में मोदी सरकार के कामकाज, फैसलों और उपलब्धियों पर ही फोकस किया जाएगा, लेकिन पार्टी की राज्य स्तरीय कैंपेन समिति को मुख्यमंत्री के रूप में एकनाथ शिंदे सरकार के दो साल विकास कार्यों, मदद कार्यों, सरकारी योजनाओं, मराठा आरक्षण और हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव प्रचार की रणनीति तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। सांसदों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने महायुति में शामिल दलों के साथ विवाद या अप्रिय स्थिति टालने के लिए समन्वय समिति बनाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा टारगेट राज्य की सभी 48 सीटें हैं और यह टारगेट अच्छे समन्वय से ही हासिल किया जा सकता है।
दक्षिण मुंबई सीट पर नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही एनडीए की समन्वय समिति बनेगी उसमें शिवसेना (Shivsena) का सक्रिय सहयोग रहना चाहिए। सांसदों ने भी मुख्यमंत्री से कहा कि वह सहयोग के लिए तैयार हैं लेकिन भाजपा की तरफ से भी इस बात का उचित ध्यान रखा जाए कि पार्टी के कार्यकर्ता शिवसैनिकों के साथ जमीनी स्तर पर तालमेल रखें किसी तरह का छल ना करें। मुंबई में शिवसेना के पिछली बार तीन विधायक जीते थे। इनमें से दो शिंदे के साथ है। मुंबई को लेकर शिवसेना के सांसदों की चिंता ज्यादा है। शिंदे ने भी कहा है कि मुंबई में अभी से चुनावी तैयारियों में जुटना होगा। माइक्रो लेवल पर काम करना होगा और जो मित्र पक्ष है उनके साथ समन्वय बनाना होगा। सांसदों ने दक्षिण मुंबई की सीट पर भी शिवसैनिक को ही लड़ाने की बात कही है। दक्षिण मुंबई की सीट पर भी शिवसैनिक को ही लड़ाने की बात कही है।
Editorial

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