Pratahkal-Mumbai-मुंबई-Water

मुंबई । मई में पड़नेवाली भीषण गर्मी की तपिश फरवरी में ही तेजी से पड़ने के कारण मुंबई (Mumbai) को पानी (Water) की सप्लाई करनेवाली झीलों का जल भंडार अब तेजी से घटकर आधा रह गया है। मुंबई मनपा प्रशासन ने भातसा और अपर वैतरणा बांध में आरक्षित भंडार के पानी को हासिल करने के लिये राज्य सरकार को पत्र लिखा है। अभी तक सरकार ने इस पर कोई जवाब दिया नहीं है। लिहाजा एक मार्च से मुंबई में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू होने की संभावना है। मुंबई में अपर वैतरणा, मोडकसागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी इन सात झीलों से रोजाना 3850 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई की जाती है। सातों झीलों में पिछले साल 25 फरवरी को 7 लाख 21 हजार 57 मिलियन लीटर पानी का भंडार बचा हुआ था। इस साल 25 फरवरी को 6 लाख 48 हजार 535 मिलियन लीटर पानी का भंडार उपलब्ध है। अभी इन झीलों में जितना पानी का भंडार है, उससे मुंबई को अगले 180 दिन अर्थात अगस्त के मध्य तक ही पानी की सप्लाई की जा सकती है। मार्च से मई की अवधि के दौरान गर्मी भी काफी बढ़ जाती है। इससे झीलों में पानी का बाष्पीभवन भी काफी तेज गति से होता है। मई में बाष्पीभवन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे झीलों में पानी का भंडार कम होने की संभावना है। यही वजह है कि मनपा ऐहतियाती तौर पर पानी कटौती लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
बांध में पानी का भंडार कम होने के कारण आरक्षित भंडार से मनपा ने पानी की मांग की है। पिछले साल जून में बारिश के कारण मनपा ने आरक्षित भंडार की मांग राज्य सरकार ने मान्य कर ली थी। बारिश में देरी होने पर 1 जुलाई से 10 फीसदी पानी कटौती लागू कर दी गई थी। झीलों में संतोषजनक बारिश होने के बाद 8 अगस्त से यह कटौती वापस ले ली गई थी। पानी का भंडार और पानी के दबाव के मद्देनजर औसतन 10 से 15 फीसदी पानी की कटौती की जाती है।
Editorial

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