Prime Minister Modi
Dwarka द्वारका (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Modi) ने अपने गुजरात दौरे के दौरान अपने उस सपने को पूरा किया जिसकी चाह उन्हें दशको से थी । रविवार को उन्होंने ना केवल सुमद्र में आस्था की डुबकी लगाई बल्कि उस स्थान पर जाकर प्रार्थना भी की जहां माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं (leelas of Krishna) समाप्त होने के बाद प्राचीन द्वारका शहर पानी में डूब गया था । प्र.म. मोदी ने द्वारका जिले के पंचकुई समुद्र तट पर स्कूबा डाइविंग की और समुद्र के नीचे द्वारका में पूजा भी की। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के चरणों में उनकी सबसे प्यारी चीज मोर पंख भी भेंट किया।
सोशल मीडिया पर इन दिव्य पलों का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें प्र.म. मोदी वह मोर पंखों के साथ पानी के अंदर जाते नजर आए और फिर उन्हीं मोर पंखों को भगवान कृष्ण के चरणों में भेंट कर हाथ जोड़कर नमन करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान प्र.म. मोदी पानी के अंदर ही ध्यान लगाते भी नजर आए। प्र.म. मोदी ने अपने इस अनुभव को साझा करते हुए कहा कि आज मैंने जिन क्षणों का अनुभव किया वे सदैव मेरे साथ रहेंगे। मैं समुद्र की गहराई में गया और प्राचीन द्वारका नगरी के दर्शन किये। पानी के अंदर छिपी द्वारका नगरी के बारे में पुरातत्वविदों ने बहुत कुछ लिखा है। हमारे धर्मग्रंथों में भी द्वारका के बारे में कहा गया है कि यह सुंदर द्वारों और दुनिया की चोटी जितनी ऊंची इमारतों वाला शहर था ।
इस नगर का निर्माण स्वयं भगवान कृष्ण ने किया था
प्र.म. मोदी ने कहा, जब मैं समुद्र की गहराई में गया तो मुझे दिव्यता का अनुभव हुआ । मैंने द्वारकाधीश के सामने सिर झुकाया । मैं अपने साथ एक मोर पंख ले गया और उसे भगवान कृष्ण के चरणों में रख दिया। मैं हमेशा वहां जाने और प्राचीन द्वारका शहर के अवशेषों को छूने के लिए उत्सुक था । मैं आज भावनाओं से भरा हुआ हूं। दशकों पुराना सपना आज पूरा हो गया। इसके बाद प्र. म. मोदी ने ओखा को बेट द्वारका से जोड़ने वाले देश के सबसे बड़े केबल स्टे ब्रिज सुदर्शन सेतु का लोकार्पण किया। अब ओखा (द्वारका) से बेट द्वारका जाने के लिए लोगों को बोट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ब्रिज को बनाने में 978 करोड़ की लागत आई है। पुल का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की। वे यहां लोगों से भी मिले।
Editorial

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