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रोडवेज बस में मिल सकेगा घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार
By EditorialPublished on
राजस्थान रोडवेज (Rajasthan roadways) की बसों में अब फिर से फर्स्ट एड बॉक्स (first aid box) नजर आएंगे। वहीं, दुर्घटना के दौरान घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार भी मिल सकेगा।

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जोधपुर (कासं )। राजस्थान रोडवेज (Rajasthan roadways) की बसों में अब फिर से फर्स्ट एड बॉक्स (first aid box) नजर आएंगे। वहीं, दुर्घटना के दौरान घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार भी मिल सकेगा। रोडवेज मुख्यालय ने राज्य के सभी डिपो के मुख्य प्रबंधकों को बसों में फर्स्ट- एड बॉक्स लगाने के आदेश दिए हैं।
जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स लगे हैं, उनमें फर्स्ट एड के लिए चिकित्सा सामग्री उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में रोडवेज बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर घायल यात्रियों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिसे देखते हुए रोडवेज मुख्यालय की ओर से प्रदेश के सभी डिपो को बसों में फर्स्ट एड बॉक्स लगाने के आदेश जारी किए गए है।
कई बसों की हालत खस्ता
रोडवेज के मानकों के अनुसार पुरानी बसों को कण्डम करने का प्रावधान है, लेकिन रोडवेज में बसों की कमी के चलते इन बसों का लोकल रूटों पर संचालन किया जा रहा है। इनमें से कई बसों की हालत ज्यादा खराब है। वहीं, इन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं हैं। कई बसों में फर्स्ट बॉक्स टूटे हैं और उनमें फर्स्ट एड सामग्री भी नहीं हैं।
अनुबंधित बसों में भी लगाने होंगे
राजस्थान रोडवेज ने अनुबंधित बसों में भी फर्स्ट एड बॉक्स लगाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इन बसों में फर्स्ट बॉक्स लगाने की व्यवस्था बस मालिक को ही करनी होगी। तय मानकों के अनुसार जयपुर- दिल्ली राजमार्ग पर संचालित हो रही है। एनजीटी के मानकों के अनुसार दिल्ली में बीएस 6 मानक की बसों का ही संचालन हो सकता है। कई बसों के फर्स्ट एड बाक्स में भी चिकित्सा सामग्री नहीं है।
पुरानी बसों का यह है नियम
रोडवेज में पुरानी बसों का कंडम घोषित करने का प्रावधान है। इसके तहत 8 साल पुरानी या 8 लाख किलोमीटर चल चल चुकी बसों को कंडम मानकर इन बसों को बेड़े से हटाने का नियम है। पुरानी बसों के संचालन से डीजल औसत भी गड़बड़ा रहा है। कंडम बसों को विभाग की ओर से नीलाम किया जाता है।
रोडवेज मुख्यालय की ओर से सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स लगाने के आदेश मिले हैं। अधिकतर बसों में फर्स्ट एड बाक्स लगे हैं। जिन बसों के फर्स्ट एड बाक्स में चिकित्सा सामग्री नहीं है उनमें चिकित्सा सामग्री रखने की व्यवस्था की जाएगी। वैसे रोडवेज परिचालक के बैग में भी चिकित्सा सामग्री रहती है। -उम्मेदसिंह चारण, मैनेजर रोडवेज डिपो जोधपुर आगार

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