A man holding cup facing problem of heart attack - Pratahkal
हार्ट अटैक (Heart Attack) मौत का एक ऐसा खेल जिसमें अचानक चलता-फिरता-हंसता-खेलता इंसान गिरता है और उसे बचाने के लिए सिर्फ ढाई मिनट का वक्त होता है। लेकिन लोगों को समझ आती है, देर हो चुकी होती है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो कोविड के बाद लोगों में हार्ट फेलियर का रेट बढ़ा है। आर्टरी में इंजरी, छोटे-छोटे ब्लॉक, शॉक और स्ट्रेस की वजह से ब्लड क्लॉटिंग के मामले बढ़े हैं। सडन कार्डियक डेथ की एक वजह हार्ट में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट भी है। क्योंकि कई बार ज्यादा एक्साइटमेंट से 'हार्ट बीट' बढ़ जाती है।
नॉर्मली हार्ट एक मिनट में 72 बार धड़कता है मगर जब ये रेट 200 से 250 या 300 बीट हर मिनट हो जाती है तो हार्ट इफेक्टिव तरीके से ब्लड पंप नहीं कर पाता और फेल हो जाता है। चिंता की बात ये है कि भारत में हार्ट फेलियर के केस में सर्वाइवल रेट सिर्फ 1% के करीब है। ऐसे में जरूरी है कि दिल के हर सिग्नल को पहचाने, हार्ट कितना स्ट्रॉन्ग है इसका टेस्ट करें और योग-प्राणायाम को रोज की दिनचर्या में शामिल कर इसे मजबूत बनाएं। बाबा रामदेव कहते हैं कि अगर आप 1 मिनट में 50-60 सीढ़ियां चढ़ पाते हैं तो इसका मतलब है कि आपके दिल की सेहत दुरुस्त है। वहीं अगर आप 20 बार लगातार उठक-बैठक कर पाते हैं तो इसका मतलब है कि आपका दिल कमजोर नहीं बल्कि मजबूत है।

सेहतमंद दिल के लिए डाइट में करें बदलाव

दिल को मजबूत बनाने के लिए आप सबसे पहले अपनी डाइट में सुधार करें। कम से कम तेल वाली चीजें खाएं। अगर आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहेगा तो दिल से जुड़ी बीमारी की सम्भावना भी कई गुना कम हो जाती है।

कैसे बनाएं दिल को मजबूत ?

अपने हार्ट को आप खुद ही स्वस्थ बना सकते हैं। सिर्फ आपको अपनी जीवनशैली में योग और एक्सरसाइज़ को शामिल करना होगा। वॉकिंग, जॉगिंग और साइकिलिंग और प्राणायाम करने से ब्लड पंप होता है आपका हार्ट हेल्दी और मजबूत होगा
Editorial

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