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बैंक जमा के बजाए पूंजी बाजारों की ओर शिफ्ट हुई बचत
By EditorialPublished on
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय परिवारों की ओर से की जाने वाली बचत अब बैंक खातों में जमा होने के बजाए पूंजी बाजारों की ओर से शिफ्ट हो गई है। अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म बोफा सिक्युरिटीज
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नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय परिवारों की ओर से की जाने वाली बचत अब बैंक खातों में जमा होने के बजाए पूंजी बाजारों की ओर से शिफ्ट हो गई है। अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म बोफा सिक्युरिटीज
की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2000 01 में भारतीय परिवारों की कुल बचत का 39 प्रतिशत हिस्सा बैंक खातों और 4 प्रतिशत हिस्सा पूंजी बाजारों में जाता था। वित्त वर्ष 2022-23 में बैंक खातों में जमा होने वाली बचत का हिस्सा घटकर 37 प्रतिशत हो गया है और पूंजी बाजारों में जाने वाला हिस्सा बढ़कर 7 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय साक्षरता में सुधार के कारण जीवन बीमा और प्रोविडेंट व पेंशन फंड में जाने वाला बचत का हिस्सा वित्त वर्ष 2000-01 के 34 प्रतिशत के मुकाबले वित्त वर्ष 2022-23 में बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया है। आरबीआई के ताजा तिमाही डाटा के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 23 में खातों में जमा होने वाली नकद राशि का अनुपात घटकर 7 प्रतिशत रह गया है जो वित्त वर्ष 2021-22 में 12 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2021-22 में परिवारों की कुल जमा 28 लाख करोड़ रूपये रही है, जो वित्त वर्ष 2011-12 के 14 लाख करोड़ के मुकाबले दोगुना है। औसत आधार पर भारतीय परिवारों की कुल संपत्ति में रियल एस्टेट की 77 प्रतिशत, ड्यूरेबल गुड्स (वाहन - मशीनरी) की 7 प्रतिशत और सोने की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बचत के रूप में वित्तीय संसाधनों की आपूर्तिकर्ता के रूप में परिवारों की भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। देश की कुल सकल बचत में परिवारों का 70 प्रतिशत योगदान है।

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