Ashok chavan meeting with Devendra Fadnavis and Amit shah sealed - Pratahkal
मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री (Former Maharashtra CM) और कांग्रेस के दिग्गज रहे अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) अब भाजपाई हो चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस का 'हाथ' छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। अब कहा जा रहा है कि उनका यह प्लान काफी पुराना था, लेकिन इसपर अंतिम मुहर उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक पूर्व कांग्रेस नेता के आवास पर हुई बैठक में लगी।

कैसे भाजपा में आए चव्हाण ?

एक रिपोर्ट के अनुसार, चव्हाण लंबे समय से भाजपा में अनुसा जाने की योजना बना रहे थे। इसके बाद उन्होंने फडवणीस के साथ राजनीतिक कार्यकर्ता अशीष कुलकर्णी के आवास पर बैठक की थी।

कौन हैं आशीष कुलकर्णी

दरअसल, कुलकर्णी कभी शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के भरोसेमंद रहे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने नारायण राणे के साथ शिवसेना से किनारा कर लिया था। इसके बाद वह कुछ समय के लिए कांग्रेस में पहुंचे और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के लिए रणनीतिकार के तौर पर काम किया। कांग्रेस के बाद उन्होंने फडणवीस के साथ काम करना शुरू किया।
हालांकि, यहां भी साथ ज्यादा लंबा नहीं चला और कहा जाता है कि राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए वह एकनाथ शिंदे कैंप में शामिल हो गए थे।

कैसे लिखी शिवसेना में बगावत की स्क्रिप्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिंदे के साथ-साथ उन विधायकों की पहचान करने बालों में कुलकर्णी भी थे, जो दल बदलने के बारे में सोच रहे थे। कहा जाता है कि तब की अविभाजित शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे के खेमे से 40 विधायकों को लाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। जून-जुलाई 2022 में शिंदे समेत कई विधायक शिवसेना से अलग हो गए थे। बाद में भारत निर्वाचन आयोग ने शिंदे की अगुवाई वाले खेमे को शिवसेना नाम और तीर कमान चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी थी। जबकि, ठाकरे की पार्टी का नाम शिवसेना (यूबीटी) हुआ और उन्हें चुनाव चिह्न मशाल मिला।
Editorial

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