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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। चुनाव आयोग (election Commission) के सामने अपना नाम और चुनाव निशान गंवा चुके शरद पवार (Sharad Pawar) को महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Vidhansabha) में भी झटका लगा है। यहां पर विधानसभा अध्यक्ष ने अजित पवार (Ajit Pawar) के गुट वाली एनसीपी (NCP) को असली पार्टी बताया है। साथ ही अजित पवार गुट के विधायकों की योग्यता खारिज करने संबंधी अपील को अस्वीकार कर दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने गुरूवार को कहाकि अजित पवार की अगुवाई वाला समूह उस समय असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) था, जब पार्टी में जुलाई 2023 में दो गुट उभरे थे। उन्होंने कहाकि विधायकों की अयोग्यता का अनुरोध करने वाली सभी याचिकाएं खारिज की जाती हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने कहाकि शरद पवार के फैसले पर सवाल उठाना या उनकी इच्छा की अनदेखी करना दल-बदल नहीं है। उन्होंने कहाकि संविधान की 10वीं अनुसूची के प्रावधानों का राजनीतिक दलों की ओर से दुरूपयोग किया जाना राकांपा के मामले में स्पष्ट है। इससे पूर्व इस महीने की शुरूआत में चुनाव आयोग ने भी अजित पवार गुट को ही असली शिवसेना माना था। साथ ही उसने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम को एनसीपी के नाम और चुनाव चिह्न भी दे दिया था। आम चुनाव से ऐन पहले इस तरह के फैसले को शरद पवार के लिए बड़ा झटका माना गया था। आम चुनाव से ऐन पहले इस तरह के फैसले को शरद पवार के लिए बड़ा झटका माना गया था। आयोग के 140 पृष्ठ के आदेश में कहा गया है कि आयोग का मानना है कि याचिकाकर्ता अजित अनंतराव पवार की अगुवाई वाला धड़ा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( Nationalist Congress Party) (राकांपा) है। उसे चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रयोजनों के लिए अपने नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न 'घड़ी' का इस्तेमाल करने का अधिकार है।
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