lakhapati didi samelan
प्रातःकाल संवाददाता डूंगरपुर। राष्ट्रपति द्रोपर्टी मुर्मू (President Droparti Murmu) बुधवार को इंगरपुर जिले के बेणेश्वर धाम (Beneshwar Dham) दौरे पर पहुंची। वे विशेष हेलिकॉप्टर से डूंगरपुर ( Dungarpur) के बेणेश्वर पर अस्थाई हेलीपेड पर उतरी।
असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Kataria), मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma), केबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा (Kirodilal Meena), मंत्री बाबूलाल खराड़ी समेत संभागीय आयुक्त नीरज के पबन, रेंज आईजी एस परिमला सहित कई अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति द्रोपदे मुर्मू बेणेश्वर धाम स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर पहुंची जहां महंत अच्युतानंद महाराज ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति द्रोपर्व मुर्मू ने मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना की। इसके बाद धाम पर स्थित संत मावजी महाराज के संग्रहालय का भी अवलोकन किया। महंत अच्युतानंद महाराज ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को धाम के इतिहास महत्व और संत मावजी महाराज के लिखे चौपड़े के बारे में जानकारी दी। इसके बाद राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने श्राम स्थल पर राजीविका मिशन की महिलाओं की ओर से बनाए जा रहे उत्पादों को प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस वैरान राष्ट्रपति ने महिलाओ से बातचीत की और उनकी हस्तकला की तारीफ की। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राजीविका मिशन के लखपति वेदवी सम्मेलन में हिस्सा लिया। जिसमें डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़ जिले की 10 हजार महिलाएं शामिल हुई। राष्ट्रपति ट्रेोपदी मुर्मू ने राजीविका मिशन की महिलाओं को 250 करोड़ रूपए के लोन का वितरण किया। वहीं महिला निधि के तहत 50 करोड़ के चेक वितरित किए गए। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने महिलाओं को अपने हाथों के हुनर से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
राजस्थान को बताया वीरभूमि
उन्होंने राजस्थान को वीरभूमि बताते हुए कहा कि बेणेश्वर धाम हजारों जनजातियें और लोगों की आस्था का पवित्र केंद्र है। आदिवासी समाज के गौरवपूर्ण इतिहास को हमेशा से ही बद रखा जाएगा। आदिवासी महिलाएं भी आधुनिकता की दौड़ में बदलाव के जरिए आगे बढ़ रही है। ये बहुत ही अच्छा प्रयास है।
राजस्थान सरकार (Rajasthan Sarkar) महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं, सरकार के ये प्रयास लगातार होने चाहिए। उन्होंने कहा की भारत तभी आत्मनिर्भर बनेगा जब देश की हर महिला विकास में भागीदारी निभाएगी। संविधान में आदिवासी समाज को विशेष अधिकार मिले हैं। साथ ही आदिवासी समाज का व्यक्ति पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचेंगे कम से कम साधनों से कैसे जीवन स्तर को आगे ले जाना है, ये बेहतर जानता है। वन धन वेजना से आरिवाई समाज का आर्थिक विकास भी हो रहा है। सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास को लेकर तेजी से काम कर रही है। वहीं विकसित भारत के निर्माण में आदिवासी समाज की महिलाओं को भी महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
Editorial

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