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8 लाख से कम सालाना कमाई वाले परिवारों की लड़कियों को निशुल्क शिक्षा देने की तैयारी में राज्य सरकार
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महाराष्ट्र (Maharashtra) राज्य सरकार ने उन लड़कियों के लिये पूर्ण शैक्षणिक शुल्क-माफी (Free Education) को मंजूरी दे दी है। यह माफी उन लड़कियों के लिये है जिनकी पारिवारिक आय आठ लाख रुपये या उससे कम है। महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील (Chandrakant Patil) ने शुक्रवार को संयुक्त कुलपतियों के बोर्ड (जेबीवीसी) की बैठक के दौरान इस निर्णय की घोषणा की। मौजूदा वक्त में इसी श्रेणी में शैक्षणिक शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट उपलब्ध थी जिसे बढ़ाकर अब 100 प्रतिशत यानि निशुल्क कर दिया गया है।

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मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) राज्य सरकार ने उन लड़कियों के लिये पूर्ण शैक्षणिक शुल्क-माफी (Free Education) को मंजूरी दे दी है। यह माफी उन लड़कियों के लिये है जिनकी पारिवारिक आय आठ लाख रुपये या उससे कम है। महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील (Chandrakant Patil) ने शुक्रवार को संयुक्त कुलपतियों के बोर्ड (जेबीवीसी) की बैठक के दौरान इस निर्णय की घोषणा की। मौजूदा वक्त में इसी श्रेणी में शैक्षणिक शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट उपलब्ध थी जिसे बढ़ाकर अब 100 प्रतिशत यानि निशुल्क कर दिया गया है।
इस फैसले से राज्य की करीब 20 लाख से ज्यादा छात्राओं को लाभ मिलेगा। उम्मीद है कि इस निर्णय को जल्द ही राज्य सरकार की केबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी जायेगी। आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रहनेवाली छात्राओं को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा में लड़कियों की सहभागिता को बढ़ाना चाहती है।
वर्तमान में राज्य सरकार केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की लड़कियों को ही निजी संस्थानों में आरक्षित कोटा के तहत उच्च शिक्षा में शुल्क माफी प्रदान करती है. हालांकि 8 लाख की सालाना आय वाले परिवारों की तथा अपिव, ईबीएस तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग से जुड़ी छात्रों के लिये केवल 50 प्रतिशत ही शुल्क प्रतिपूर्ति की जाती है। पिछले साल से सरकार ने इस दिशा में लड़कियों की शिक्षा को अधिक सुलभ कराने के लिये प्रयास शुरु कर दिये थे और इसी कड़ी में यह ताजा निर्णय लिया गया है।
राज्य के खजाने पर इससे करीब 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। राज्यभर में मौजूदा 642 और लगभग 200 नये मान्यताप्राप्त कोर्सेस के लिये यह योजना लागू रहेगी। सभी प्रकार के डिप्लोमा, डिग्री और पोस्ट ग्रैज्युएट कोर्सेस के लिये इस योजना का लाभ उपलब्ध होगा। इसके लिये इच्छुक छात्राओं को अपनी पारिवारिक आय सालाना 8 लाख से कम होने का प्रमाणपत्र पेश करना होगा।
गौरतलब है कि परभणी (Parbhani) में उच्च शिक्षा की आकांक्षा के बावजूद आर्थिक अभाव के चलते ट्यूशन फीस का भुगतान करने में अक्षम एक छात्रा द्वारा आत्महत्या की दर्दनाक घटना के बाद उपजे घटनाक्रम के तहत यह निर्णय लिया गया है।

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