vayushakti 2024
जोधपुर (कासं)। भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का युद्धाभ्यास (maneuvers) वायुशक्तिः 2024 (Vayushakti-2024) जैसलमेर (Jaisalmer) स्थित पोकरण फायरिंग रेंज (Pokaran Firing Range) में 17 फरवरी को होगा। इसके लिए फुल ड्रेस रिहर्सल 14 फरवरी से शुरू होगी।
दो घंटे में वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर करीब 50 टन आयुध का इस्तेमाल करेंगे। रेंज के 1 से 2 किलोमीटर परिधि के अंदर युद्धाभ्यास किया जाएगा। युद्धाभ्यास में सतह से हवा, हवा से हवा और हवा से सतह में मार करने वाली मिसाइलों का भी प्रदर्शन होगा।
ये है मिसाइल की स्पीड
वायुशक्ति में पहली बार आकाश मिसाइल सिस्टम के साथ समर (सरफेस टू एयर मिसाइल फॉर एश्योर्ड रिटेलीएशन) मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन किया जाएगा। समर मिसाइलें 2 से 2.5 मैक की स्पीड से हवा में मौजूद 10 से 12 किलोमीटर दूर के टारगेट को निशाना बनाती हैं। यह सिस्टम सबसे पहले दुश्मन देश के एयरक्राफ्ट, मिसाइल, ड्रोन और अन्य ऑब्जेक्ट को हवा में पहचानता है और उसके बाद उसकी गति और स्थिति देखकर मिसाइल फायर करता है। इससे ऑब्जेक्ट को हवा में ही मार गिराया जा सकता है।
दिसंबर में हुआ था पहला परीक्षण
समर मिसाइल सिस्टम का पहला सफल परीक्षण गत दिसम्बर में येलहंका बेंगलुरू में किया गया था। इस प्रणाली में एक ट्विन- बुर्ज लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म शामिल है, जिसमें एक साथ दो मिसाइलें लॉन्च करने की क्षमता है। हवा में मौजूद खतरे के अनुसार एक या दो मिसाइल फायर करने का निर्णय लिया जाता है। समर मिसाइल सिस्टम रूस से आयातित पुराने सिस्टम के स्थान पर भारतीय वायुसेना की मेंटेनेंस कमाण्ड ने विकसित किया है। अंतिम बार वायुशक्ति युद्धाभ्यास फरवरी 2019 में हुआ था।
जोधपुर, जैसलमेर, फलोदी, बाड़मेर में रिहर्सल
वायुशक्ति में वायुसेना आर्मी के साथ मिलकर युद्धाभ्यास करेगी। इसमें 123 एयरक्राफ्ट भाग लेंगे। इसमें लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई, रफाल, जगुआर, तेजस, मिराज-2000, मिग-29, हॉक, लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे, स्वदेशी प्रचंड, एएलएच ध्रुव, रुद्र, एमआई-17, ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर चिनुक, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी- 130 जे और ग्लोबमास्टर शामिल है। सभी एयरक्राफ्ट इन दिनों जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर और जैसलमेर में अभ्यास कर रहे हैं। सुखोई और रफाल जोधपुर से उड़ेंगे और पोकरण फायरिंग रेंज में बमबारी करेंगे।
Editorial

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