rudraprayag
रूद्रप्रयाग (एजेंसी)। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर (Badrinath Kedarnath Temple) समिति ने भगवान शिव-पार्वती (Shiva-Parvati) के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण (Triyuginarayan) मंदिर के बाद अब शिव भक्त बाणासुर की बेटी उषा व भगवान कृष्ण के पौत्र अनिरूद्ध के विवाह स्थल ओंकारेश्वर मंदिर (Omkareshwar temples) ऊखीमठ को भी वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए शांतिकुंज की तर्ज पर वैवाहिक नियमावली बनाई गई है। इन दोनों पौराणिक स्थलों पर विवाह उत्तराखंडी रीति-रिवाज के अनुसार ही संपन्न होंगे। इसके लिए स्थानीय महिलाओं को मांगल गीत गाने, मंगल स्नान कराने और पहाड़ के पारंपरिक व्यंजन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विवाह के लिए पंजीकरण भी मंदिर समिति के पास ही कराना होगा।
दिसंबर में देहरादून में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्र.म. नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया था। इसी कड़ी में मंदिर समिति ने अपने अधीन आने वाले मंदिरों में यह पहल की है। शुरूआत में त्रियुगीनारायण व ओंकारेश्वर मंदिर क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उषा-अनिरूद्ध ने ओंकारेश्वर मंदिर में सात फेरे लिए थे। मंदिर के पास ही वह विवाह मंडप आज भी मौजूद है। इन दोनों स्थान पर विवाह के लिए मंदिर समिति ने पंजीकरण भी शुरू कर दिए हैं। मंदिर समिति सभी पौराणिक मंदिरों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इसके लिए शांतिकुंज की तर्ज पर वैवाहिक नियमावली बनाई गई है। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में 5 करोड़ की लागत से विस्तारीकरण व सुंदरीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उषा अनिरूद्ध के विवाह मंडप को भी विकसित किया जा रहा है, जो कि प्रेम के प्रतीक माने जाते हैं। बताया कि प्रथम चरण में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में टेंपल प्लाजा, एडमिन बिल्डिंग व वर्तमान प्रशासनिक भवन का विकास होगा। द्वितीय चरण में मंदिर के कोठा भवन, उषा-अनिरूद्ध विवाह मंडप के जीर्णोद्धार कार्य होंगे। इसके बाद मंदिर परिसर के बाहर सुंदरीकरण व पाकिंग के कार्य कराए जाएंगे।
अप्रैल में होगा ओंकारेश्वर में पहला विवाह उषा-अनिरूद्ध के विवाह स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विवाह के लिए अभी दिल्ली और देहरादून के दो परिवारों ने आवेदन किया है। हालांकि, यहां पहले भी विवाह संपन्न होते रहे हैं, लेकिन पंजीकरण के बाद विवाह कराने वाला दिल्ली का परिवार पहला होगा। यह विवाह अप्रैल में संपन्न होगा। देहरादून के परिवार ने अभी विवाह की तिथि घोषित नहीं की है।
Editorial

Editorial

Next Story