How to control Anger in Husband and Wife Relationship  - Pratahkal
पति-पत्नी दोनों में से किसी एक का भी ज्यादा गुस्सा होना सिचुएशन को नाजुक बना देता है। बैसे तो सही तरीका ये है कि अगर एक गुस्सा कर रहा है, तो दूसरे को शांत रहना चाहिए, लेकिन कई बार गुस्से में बोली गई बातें दूसरे व्यक्ति का भी पारा हाई कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में दोनों का अहंकार टकराता है और सारा प्यार पल भर में ही खत्म होता नजर आता है। वैसे कई बार पति के गुस्से के पीछे पत्नी खुद ही जिम्मेदार होती है।
एक ही गलती को बार-बार दोहराना, पति की कमियों का सबके सामने ढिंढोरा पीटना और बेवजह की फरमाइशें करना, जिसे पूरा करना पॉसिबल न हो, ऐसी चीज़ों पर गुस्सा आना जाहिर सी बात है। कुछ पत्नियां इस गुस्से को और भड़काने का काम करती हैं और बातों को खींचकर झगड़े को और बढ़ाने का काम करती हैं, तो वहीं समझदार पत्नियां मौके को देखते हुए बात करना पसंद करती हैं।
ठीक इसी तरह अगर पत्नी को ज्यादा गुस्सा आता है, तो इसके पीछे पति की कुछ ऐसी आदतें जिम्मेदार हो सकती है, जिसे वो लाख कोशिशों के बाद भी सुधार नहीं पा रही है। बार-बार एक ही बात पर रोकना टोकना दोनों को गुस्सा दिला सकता है। अगर आप एक सुखी वैवाहिक जीवन जीना चाहते हैं, तो बहुत ही जरूरी है दोनों को अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना।

कैसे करे गुस्से को कंट्रोल ?

- अगर पति या पत्नी दोनों में से एक किसी बात को लेकर गुस्सा कर रहा है, तो इस लड़ाई को खत्म करने का सबसे आसान तरीका यही है दूसरा व्यक्ति शांत रहे। गुस्सा शांत हो जाने पर अपनी बात रखें।
- एक-दूसरे की कमियों को लेकर तनाव न लें। बल्कि साथ बैठकर बताएं कि आपको क्यों इन उलझन होती है। बहुत ज्यादा चांसेज हैं कि इस तरह से समझाने पर पार्टनर आपकी बात समझेगा।
- गुस्से को कंट्रोल करने का एक और आसान उपाय है कि अगर आपको पार्टरन पर गुस्सा आ रहा है, तो थोड़ी देर के लिए वहां से चले जाएं।
- घर छोड़कर जाने, आत्महत्या। करने जैसी धमकियां तो बिल्कुल न दें।
- अपने बीच के मनमुटाव और झगड़े को खुद से ही निपटाने की कोशिश करें। हर किसी से डिस्कस करना ठीक नहीं और कई बार ऐसा करने से भी गुस्सा बढ़ता है।
सही तरीका तो यही होता है कि झगड़े की जड़ को समझते हुए उस पर बातचीत कर मामला सॉल्व करें। आपके रिश्ते में क्या चल रहा है, दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने इसका रोना न रोएं। एकदम से अलग होने का डिसीजन न लें। हो सकता है बाद में आपको इसका पछतावा भी हो। हां, मामला अगर आपके लिए सुलझाना कठिन हो रहा है, तो घर के बड़े-बुजुर्गों या किसी मनोवैज्ञानिक से सलाह लेने से बिल्कुल ने हिचकिचाएं।
Editorial

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