Chinese Mobiles in hand - Pratahkal
नई दिल्ली (एजेंसी)। मोबाइल के मामले में दुनियाभर में चीन का दबदबा हुआ करता था। हालांकि भारत (India) के आगे चीन पस्त नजर आ रहा है। पहले भारत ने मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग (Mobile Manufacturing) के मामले में चीन को जोरदार झटका दिया है। वही अगर मोबाइल पार्ट्स के मामले में भी चीन को नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। दरअसल एक वक्त तक भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग होती है, जिसके पार्ट्स को चीन से मंगाया जाता था, लेकिन भारत ने चीन से पार्ट्स सप्लाई को सीमित कर दिया है। भारत चीन के मुकाबले वियतनाम और अमेरिका जैसे देशों से से चिपसेट सप्लाई की प्लानिंग की है। ऐसे में चीन को इंडस्ट्री तबाह होने के कगार पर है।

चीन की दिग्गज कंपनी को भारी नुकसान

इतना ही नहीं, कई बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियां भारत का रूख कर रही है, क्योंकि भारत सरकार की तरफ से पीएलआई स्कीम के तहत वित्तीय सहायता ऑफर की जा रही है। लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो चीन की सबसे बड़ी चिप बनाने वाली कंपनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉरपोरेशन यानी सृदृष्ट को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी को चौथी तिमाही में 55 फीसद का नुकसान हुआ है। इसकी वजह कमजोर वैश्विक डिमांड को माना जा रहा है।

लग चुके हैं जासूसी के आरोप

बता दें कि चीन की एसएमआईसी पर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। यह कंपनी उस वक्त भी चर्चा में आई थी, जब पिछले साल एनालिस्ट ने दावा किया था कि एसएमआईसी की तरफ से हुआवे को मदद दी जा रही है। ऐसी रिपोर्ट थी कि हुआवे घरेलू स्तर पर चीन में सबसे पावरफलु चिप बना रही है, जिसे हौवाई मेट 60 फोन में लगाया गया है। बता दें कि हुआवे पर अमेरिका समेत कई देश जासूसी के आरोप में प्रतिबंध लगा चुके हैं।

चिपसेट की डिमांड में कमी

कोविड महामारी के बाद से ग्लोबल स्तर पर चिपसेट की डिमांड में कमी दर्ज की जा रही है। वही चीन से चिपसेट की सप्लाई एक अहम मुद्ध बना हुआ है, क्योंकि चीन में लंबे वक्त तक प्रोडक्शन बंद रहा है।
Editorial

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