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हल्द्वानी हिंसा में 4 गिरफ्तार 5 हजार के खिलाफ केस, 19 नामजद
By EditorialPublished on
Haldwani Violence हल्द्वानी के वनभूलपुरा (Banbhoolpura) में गुरूवार को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बवाल और उपद्रव करने वाले हजारों लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उनकी धरपकड़ शुरू कर दी है। अभी तक पुलिस 4 लोगों को हिरासत (custody) में ले चुकी है।
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Haldwani Violence हल्द्वानी (एजेंसी)। हल्द्वानी के वनभूलपुरा (Banbhoolpura) में गुरूवार को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बवाल और उपद्रव करने वाले हजारों लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उनकी धरपकड़ शुरू कर दी है। अभी तक पुलिस 4 लोगों को हिरासत (custody) में ले चुकी है। वहीं सैकड़ों उपद्रवियों को चिह्नित कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी हल्द्वानी पहुंचे और घायल पुलिस, निगम के कर्मचारियों के साथ ही घायल पत्रकारों से भी मुलाकात की। उन्होंने हल्द्वानी हिंसा को सुनियोजित तरीके से की गई गहरी साजिश करार दिया। नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी।
बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हुई भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शहर शांत रहा। कर्फ्यू का संबंधित क्षेत्र में सख्ती से पालन कराया गया जबकि शेष शहर में वाहनों की आवाजाही होती रही और दुकानें बंद रहीं। साथ ही वनभूलपुरा में फोर्स बढ़ाकर सख्ती को कड़ा कर दिया गया है। अतिरिक्त फोर्स को भी बुला लिया गया है। मलिक के बगीचे में मदरसा और धार्मिक स्थल को तोड़ने के दौरान वनभूलपुरा में गुरूवार को भारी उपद्रव हुआ। उपद्रवियों ने पथराव के साथ ही पेट्रोल बम और कांच की बोतलों से सुरक्षा बलों पर हमला किया।
इसके बाद वनभूलपुरा थाने में भी आग लगा दी गई। वनभूलपुरा में तैनात की गई हजारों की फोर्स किसी तरह जान बचाकर बाहर निकली। उपद्रव में करीब 300 लोग घायल भी हुए। कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले और शहर को आगजनी व तोड़फोड़ के हवाले करने वालों के खिलाफ वनभूलपुरा थाने में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसमें एक मुकदमा वनभूलपुरा पुलिस, दूसरा नगर निगम और तीसरा मुखानी पुलिस की ओर से दर्ज कराया गया है। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि तीनों मुकदमों में 19 लोगों को नामजद किया गया है। वहीं करीब 5000 अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है। इन सभी पर दंगा, तोड़फोड़, हत्या का प्रयास, सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई अन्य धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ ही चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।
कुछ लोगों ने जानबूझकर भड़काया बवाल :
एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि उग्र भीड़ को भड़काया भी गया था। शुरूआती जांच में यह बात सामने आई है। बताया कि शहर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। यही वजह रही कि अचानक इतना बवाल फैला और बढ़ गया। मामले की गंभीरता से जांच के साथ साथ उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो से चिह्नित किए जा रहे उपद्रवी :
शहर को दंगे की तरफ धकेलकर उपद्रव कर दहशत फैलाने वालों ने अपने चेहरों को ढक रखा था। इसके साथ ही वनभूलपुरा क्षेत्र में कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और पथराव के दौरान हुई तमाम वीडियो रिकॉर्डिंग को खंगालना शुरू कर दिया है। इसके आधार पर अभी तक करीब 100 से ज्यादा उपद्रवी चिह्नित कर लिए गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।

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