tata power
मुंबई। टाटा पॉवर (TATA Power) मुंबई (Mumbai) में अपने ग्राहकों के लिये बिजली की दरों में भारी वृद्धि करने की तैयारी में है। टाटा पॉवर ने इस बाबत महाराष्ट्र बिजली नियामक आयोग के पास अपना नया प्रस्ताव दाखिल किया है। खास बात यह है कि इस प्रस्ताव में उन ग्राहकों से ज्यादा दरें वसूली प्रस्तावित है जो वर्तमान में काफी कम बिजली उपभोग करते हैं। यानि मुंबई में निचले स्तर के गरीब तबके के ग्राहकों पर इस दर वृदधि की गाज गिरने जा रही है। कम खपत वाले ग्राहकों के लिये 58 से 121 प्रतिशत तक की दर वृद्धि प्रस्तावित है जबकि उच्च खपत वाले ग्राहकों के लिये यह दर वृद्धि 2 से 9 प्रतिशत तक हो सकती है।
मिली जानकारी के मुताबिक, टाटा पॉवर मुंबई शहर और उपनगर में करीब साढ़े सात लाख से ज्यादा ग्राहकों को बिजली की आपूर्ति करती है। मुंबई शहर में बेस्ट और उपनगरों में अडानी इलेक्ट्रिसिटी के साथ टाटा पॉवर की कड़ी प्रतिस्पर्धा रही है। दर वृद्धि पर कोई भी अंतिम निर्णय महाराष्ट्र राज्य बिजली नियामक आयोग द्वारा ही लिया जायेगा और यह दर वृद्धि इस साल एक अप्रैल से लागू होगी।
टाटा पॉवर की इस प्रस्तावित बिजली दर में बढोत्तरी को लेकर विरोध बढ़ने की संभावना है। निचले स्तर के ग्राहकों को इस दर वृद्धि के बाद मौजूदा से दोगुना बिजली बिल देना पड़ सकता है और यह काफी परेशानी पैदा करनेवाला है। टाटा पॉवर के अधिकारियों के मुताबिक, उच्च खपत वर्ग के ग्राहकों पर पहले ही बिजली की अपेक्षाकृत ऊंची दर लागू है। जबकि निम्न खपत वर्ग के ग्राहकों से अभी तक काफी कम बिजली दर वसूली जा रही है और इसी को ध्यान में रखते हुये यह दर वृद्धि की जा रही है। इस निर्णय के जरिये इसे तार्किक और संतुलित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल एमईआरसी द्वारा वर्ष 2023-24 हेतु निर्धारित दरों को टाटा पॉवर ने अस्वीकार करते हुये इसे लागू करने से इंकार कर दिया था। टाटा पॉवर ने इसके विरुद्ध अपील दायर की थी। अपीलीय न्यायाधिकरण ने एमईआरसी की किराया अनुसूची पर स्थगनादेश दिया था। लिहाजा टाटा पॉवर ने अप्रैल 2020 से जारी एवं मौजूद दर पर ही अपने ग्राहकों से बिजली वसूली जारी रखी थी। इसके जरिये टाटा पॉवर ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देना जारी रखा था। अब अपीलीय न्यायाधिकरण ने एमईआरसी को इस मामले पर वर्ष 2024-25 हेतु अंतिम निर्णय लेने को कहा है। टाटा पॉवर की याचिका में एमईआरसी की सुनवाई से पूर्व सार्वजनिक तौर पर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। टाटा पॉवर के मुताबिक, एमईआरसी ने पिछले साल जिन दरों को मंजूरी दी थी, हमने मामूली अंतर के साथ कमोबेश उन्हीं दरों को प्रस्तावित किया है। इसके लिये दो वर्ग किये गये हैं। 0 से 100 के वर्ग में 13 प्रतिशत और 100 – 300 के वर्ग में 3 प्रतिशत की बिजली दर प्रस्तावित है।
गौरतलब है कि तीन अन्य बिजली कंपनियां अर्थात बेस्ट, अडानी इलेक्ट्रिसिटी और एमएसईडीसीएल की वर्ष 2024-25 के लिये दरें समान ही रहेंगी।
Editorial

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