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मुंबई। ईडी ने सांगली की एक कंपनी पर कार्रवाई करते हुए वैट चोरी के मामले में 16 करोड़ 42 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। कंपनी पर आरोप है कि उसने 458 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार कर 28 करोड़ 34 लाख रुपये का वैट चोरी किया।
मिली जानकारी के मुताबिक, त्रिशूल एंटरप्राइजेज और अन्य फर्जी कंपनियों ने व्यापारियों को 2 प्रतिशत कमीशन के बदले नकली बिल तैयार कर दिए। जांच में सामने आया कि इन कंपनियों ने 919 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए। ये कंपनियां कुछ लोगों की पहचान का दुरुपयोग करके बनाई गई थीं। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा होने के बाद ईडी द्वारा की गई जांच में यह भंडाफोड हुआ है। ईडी ने इस मामले में सुरेश पारेख, दिनेश पारेख, सुशांत लड्डा को प्रमुख आरोपी के रूप में नामजद किया है।
Editorial

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