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राउत का बड़ा दावा, कहा-भाजपा ने शिंदे के बिना ही कर लिया था शपथ ग्रहण समारोह का 'प्लान'!
By EditorialPublished on
मुंबई (प्रा.सं.)। जहां बीते कई दिनों से महाराष्ट्र के भावी मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ था। वहीं नई सरकार बनी जिसमें देवेंद्र फडणवीस ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
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मुंबई (प्रा.सं.)। जहां बीते कई दिनों से महाराष्ट्र के भावी मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ था। वहीं नई सरकार बनी जिसमें देवेंद्र फडणवीस ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी ली। इसा बीच आज शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेनी पड़ी, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेताओं ने योजना बनाई थी कि अगर वह 'अड़े' रहते हैं तो नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को उनके बिना आगे बढ़ाया जाएगा। राउत ने पत्रकारों से कहा कि महायुति को भारी बहुमत मिलने के बावजूद राज्य सरकार के पास अब तक पूर्ण मंत्रिमंडल नहीं होना यह दर्शाता है कि गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भारी जनादेश के बावजूद भाजपा को सरकार बनाने में 15 दिन लग गए। इसके साथ ही राउत ने दावा किया, "एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी पड़ी। भाजपा ने एकनाथ शिंदे के विना ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की योजना बनाई थी। अगर उन्होंने भाजपा पर दबाव बनाने के लिए अड़ियल रवैया अपनाया होता, तो पार्टी के शीर्ष नेताओं ने (राज्य नेतृत्व को) उनके बिना ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने के लिए सूचित कर दिया था। वहीं इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। इधर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर राज्य में "बदले की राजनीति" में शामिल है। शिंदे पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए सांसद ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कुछ चेहरों पर खुशी नहीं दिखी। उन्होंने कहा, "जब 2019 में उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब भी यही सब चेहरे उदास ही थे।"

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