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यूके-जर्मनी से मध्यप्रदेश को मिले 78000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
By EditorialPublished on
भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 दिन की यूके और जर्मनी की यात्रा कर शनिवार को भोपाल लौटे। दोनों देशों से एमपी को 78 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

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भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 दिन की यूके और जर्मनी की यात्रा कर शनिवार को भोपाल लौटे। दोनों देशों से एमपी को 78 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। जर्मनी की ओर से 18 हजार करोड़, इसके पहले यूके की ओर से 60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।सीएम ने कहा, 'आज यूके हो, जर्मनी हो, दोनों देशों को बड़े पैमाने पर हमारे स्किल्ड युवाओं की दरकार है। जर्मनी के अंदर फ्रेंड्स ऑफ एमपी का ग्रुप बनाया है, ऐसा ही ग्रुप हमने इंग्लैंड में भी बनाया है।'
जर्मन फार्मास्यूटिकल कंपनी को वहीं से जमीन की मंजूरी
भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम ने कहा, 'लंदन में खासतौर पर माइनिंग सेक्टर, हेल्थ, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे सेक्टर में प्रस्ताव मिले हैं। जर्मनी ने हेल्थ और फार्मास्यूटिकल में दिलचस्पी दिखाई है। सिर्फ एक जर्मन फार्मास्यूटिकल कंपनी से ही 3000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिला है। वहां से ही जमीन आवंटन की मंजूरी उन्हें दे दी।
7 दिसंबर को नर्मदापुरम में रीजनल कॉन्क्लेव
सीएम ने बताया कि दिसंबर की 7 तारीख को नर्मदापुरम में रीजनल कॉन्क्लेव होने वाली है। अगले महीने में शहडोल में करेंगे और इसके बाद फरवरी में हम ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में करेंगे। प्रदेश हर काम करने के लायक बने, इसीलिए हमने रीजनल कॉन्क्लेव को संभाग स्तर पर किया है। इसी तरह ग्लोबल स्तर पर हमारी राजधानी का महत्व बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में करेंगे।
अब हमें जर्मनी से आगे निकलना है
सीएम ने कहा कि जर्मनी और इंग्लैंड से पीएम मोदी का संबंध कैसे जुड़ रहा है, इसका हमें भी आनंद आ रहा है। अर्थव्यवस्था में इंग्लैंड को हम पीछे छोड़कर पांचवें नंबर पर आ गए हैं, व छठवें नंबर पर पहुंच गया है। अब दूसरा जर्मनी हमसे आगे है, अब हम जर्मनी को पीछे कर आगे होंगे।
मध्यप्रदेश की पहुँच देश ही नहीं दक्षिण एशिया के बाजारों तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्किल्ड मैनेजमेंट और प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। लैप समूह की मध्यप्रदेश में एक दशक से ज्यादा की उपस्थिति इस बात को दर्शाती है कि मध्यप्रदेश की पहुँच देश ही नहीं दक्षिण एशिया के बाजारों तक है। समूह ने बैंगलुरू के बाद मध्यप्रदेश को अपना बेस बना कर 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी निवेश की संभावनाओं का विस्तार हुआ है और उनके विजनरी नेतृत्व में हमारी ताकत दोगुना हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश से उद्योग के लिए नई संभवानाओं के द्वार खुलेंगे। उन्होंने लैप उद्योग समूह के सीईओ मैथियास लैप का इस बात के लिए आभार प्रकट किया कि उन्होंने 2012 से अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में किया है।
प्रदेश की भौगोलिक स्थिति उद्योग व्यवसाय के विस्तार के लिए उपयुक्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। क्षेत्रीय स्तर पर जारी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से प्रदेश में उद्योग स्थापना का बेहतर माहौल बना है। इससे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर से भी बड़े निवेशक बेहतर भविष्य के लिए आश्वस्त होते हुए मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी के साथ प्रदेश में उद्योग- व्यवसाय को विस्तार देने के लिए कई विकल्प हैं। इनमें निजी निवेश, तकनीकी सहभागिता और साझेदारी से जर्मनी और भारत के औद्योगिक और व्यावसायिक रिश्तों को प्रगाढ़ किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आर्थिक सम्पन्नता और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक सम्पन्नता और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर है। जर्मनी की क्षमताओं ने सदैव सभी को प्रभावित किया है। जर्मनी ने कठिन दौर के बावजूद जीने की राह बनाई और विश्व में सशक्त रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मनी की इन क्षमताओं के साथ मिलकर मध्यप्रदेश का उद्योग और व्यावसायिक जगत, वैश्विक स्तर पर विशिष्ट स्थान प्राप्त करेगा।

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