✕
मनपा चुनाव को लेकर असमंजस कायम,
By EditorialPublished on
मुंबई। विधानसभा चुनाव में महायुती की प्रचंड जीत के बाद स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों को लेकर जोरदार चर्चा हो रही है। हालांकि, फिलहाल चुनाव होने की संभावना नहीं दिख रही है।

x

मुंबई। विधानसभा चुनाव में महायुती की प्रचंड जीत के बाद स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों को लेकर जोरदार चर्चा हो रही है। हालांकि, फिलहाल चुनाव होने की संभावना नहीं दिख रही है। चुनावों को लेकर न्यायालय द्वारा फैसला दिए जाने के बाद तैयारियों के लिए कम से कम तीन महीने का समय लगेगा।
राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में 22 जनवरी को राज्य के स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों पर सुनवाई होगी। विशेष रूप से, महापालिकाओं समेत अन्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के सदस्यों की संख्या कितनी होनी चाहिए, प्रभाग रचना कैसी होनी चाहिए, और प्रभाग रचना व सदस्यों की संख्या का निर्धारण राज्य चुनाव आयोग करेगा या राज्य सरकार, इत्यादि विषयों पर फैसला सर्वोच्च न्यायालय में होने के बाद ही चुनाव की तैयारी के लिए कम से कम तीन महीने का समय लगेगा। इसलिए फिलहाल महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनावों की संभावना नहीं है।
सुनवाई पर टिकी हैं चुनाव की तारीखें
राज्य चुनाव आयोग के सचिव सुरेश काकाणी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में 22 जनवरी को स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों को लेकर सुनवाई होगी। न्यायालय द्वारा फैसला दिए जाने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।
कब हो सकते हैं चुनाव ?
स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों के लिए मतदाता सूचियां तैयार करना, प्रभाग रचना और ओबीसी आरक्षण की अमलदारी आदि पर विचार करते हुए चुनाव की तैयारी के लिए तीन महीने का समय अपर्याप्त है। इसके बाद अप्रैल में स्कूल परीक्षाएं और गर्मी का मौसम ध्यान में रखते हुए, चुनावों का समय टालना पड़ सकता है। तब तक मानसून का आगमन हो जाएगा। मानसून के कारण चुनाव मानसून के बाद ही कराए जाएं या मानसून के दौरान, इस पर राज्य चुनाव आयोग निर्णय लेगा। लेकिन उससे पहले सर्वोच्च न्यायालय को सुनवाई कर चुनावों का रास्ता साफ करना जरूरी है।

Editorial
Next Story
Related News
X
