Acharya-tulsi
मुंबई।आचार्य तुलसी की 111वी जन्मजयंती पर अणुव्रत दिवस विभिन्न जगहों पर मनाया गया। डोंबिवली तेरापंथ भवन में मुनि कमल कुमार आदि ठाणा 4 के सानिध्य में सूर्यप्रकाश श्यामसुखा की उपस्थिति में आचार्य तुलसी की जन्मजयंती मनायी गई। मुनि कमलकुमार ने कहा कि आचार्य तुलसी अनुशासन को मानते थे।
अनुशासन और समय पर चलने वाला हमेशा सफल होता है और हमने भी आज का कार्यक्रम समय पर संपन्न किया। श्यामसुखा ने कहा कि गुरुदेव का साहित्य अगर हम अभी से पढ़ना शुरू कर दे तो भी समाप्त नहीं हो पाएगा। खुली आंखों से सपने देखने वाले गुरुदेव ने एक विश्वविद्यालय की परिकल्पना की थी जो आज अन्य धर्म के लोगों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
मुनि मुकेश कुमार ने कहा कि आचार्य तुलसी भविष्य के ज्ञाता थे। उनके अवदान आज तक दिखाई दे रहे हैं। मुनि अमन कुमार ने कहा कि आचार्य तुलसी तेरापंथ के नहीं जन जन के स्वामी थे। रमेश मादरेचा अणुविभा के सहमंत्री मनोज सिंघवी, मीडिया प्रभारी महावीर बडाला, अणुव्रत समिति से हेमलता मुणोत, अनीता धाकड़, अनीता वनाकिया, कुसुम बडाला, सुरेश बेद, बिपिन मेहता आदि ने विचार रखे। मुनि नमी कुमार की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
Editorial

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