✕
आदर्श व्यक्तित्वों के सम्मान से नई पीढ़ी को दिशा
By EditorialPublished on
माता-पिता के संस्कार, त्याग और समर्पण से ही हम तैयार होते हैं। समाज का भी इसमें योगदान होता है। लेकिन हम अपने माता-पिता का ऋण कभी नहीं चुका सकते। उनका ऋणी रहने में ही असली खुशी होती है।

x

पुणे। माता-पिता के संस्कार, त्याग और समर्पण से ही हम तैयार होते हैं। समाज का भी इसमें योगदान होता है। लेकिन हम अपने माता-पिता का ऋण कभी नहीं चुका सकते। उनका ऋणी रहने में ही असली खुशी होती है। अपने माता-पिता, समाज को भूले बिना अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित करने की सुषमा और संजय चोरडिया की पहल सराहनीय है, ऐसी राय उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता विट्ठलशेठ मनियार ने दी।
सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित बंसी-रत्न वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा रतनबाई और बंसीलाल चोरडिया की स्मृति में दिए जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार वितरित किए गए। ऍड. एस. के जैन और परिवार को पहला 'बंसी-रत्न आदर्श परिवार राष्ट्रीय पुरस्कार', जबकि आशाबाई और रमनलाल लूंकड़ दंपत्ति को 'बंसी-रत्न आदर्श माता-पिता राष्ट्रीय पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। शोभा धारीवाल को 'समाजरत्न', पोपटलाल ओस्तवाल को 'समाज शिरोमणि', सुभाष लालवानी को 'समाजभूषण', माणिक दुग्गड़ को 'गुरु सेवा' और शेखर मुंदड़ा को 'मानवसेवा' राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जैन समुदाय के 10वीं एवं 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को योग्यता प्रमाण पत्र, स्वर्ण पदक एवं सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
बिबवेवाड़ी में यह कार्यक्रम आचार्य डॉ. लोकेश मुनि की अध्यक्षता में हुआ। पूर्व वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल भूषण गोखले, संगीतकार अबू मलिक, ब्रह्मा कुमारी के दशरथ भाई, बंसी-रत्न वेलफेयर ट्रस्ट के संस्थापक प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया और उपाध्यक्ष सुषमा चोरडिया, एसोसिएट उपाध्यक्ष स्नेहल नवलखा, डाॅ. किमया गांधी, डिजिटल स्ट्रैटेजिक अडवायझर सिद्धांत चोरडिया, मुख्य परिचालन अधिकारी अक्षित कुशल, निदेशक प्रशांत पितलिया, प्राचार्य अजीत शिंदे उपस्थित थे।
आचार्य डाॅ. लोकेश मुनि ने कहा, "यहां सम्मानित होने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यह पुरस्कार उनकी सेवा का सम्मान है। भारतीय संस्कृति सेवा, त्याग और समर्पण की है। ऐसे आदर्शों का सम्मान कर नई पीढ़ी के निर्माण का काम संजय और सुषमा चोरडिया कर रहे हैं। उनकी इस सकारात्मक सोच से हम सभी प्रेरित होते हैं।"
प्रो डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा, "सामाजिक और धार्मिक कार्यों से जिन्होंने हमें बनाया उन माता-पिता की याद में इस पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष से समाज के आदर्श परिवार और गुरु की सेवा करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जा रहा है। माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार, शिक्षा अगली पीढ़ी को सौंपते हुए राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे सके ऐसी पीढ़ी को तैयार करने के लिए सूर्यदत्त हमेशा आगे रहेंगे।"
प्रो डॉ संजय बी. चोरडिया ने परिचय में पुरस्कार के बारे में जानकारी दी। मनीषा कर्णावट एवं प्रशांत पितलिया ने संचालन किया। सुषमा चोरडिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Editorial
Next Story
Related News
X
