Nahargarh
कार्यालय संत्राददाता जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने सोमवार को जयपुर (Jaipur) के नाहरगढ़ (Nahargarh) में फीता काटकर टाइगर सफारी (Tiger Safari) का शुभारम्भ किया। प्रदेशवासियों को मिली इस सौगात से अव वन्य जीव प्रेमी नाहरगढ़ में टाइगर सफारी का आनंद ले सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान में दो बाघ शावकों का नामकरण भी किया। मुख्यमंत्री ने माद बाब शावक का नाम 'स्कंदी' तथा नर वाघ शावक का नाम 'भीम' रखा।
शर्मा ने प्रदेशवासियों को अक्टूबर तक मनाए जा रहे बन्य जीव सप्ताह की बधाई देते हुए कहा कि वन्य जीवों की रक्षा तथा प्रकृति को संजोए रखना हम सभी का कत्र्तव्य है। इस वन्यजीव सप्ताह में विद्यार्थियों को बायोलॉजिकल पार्को में निःशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और जेडीए के संयुक्त प्रयासों से सोमबार को शुरू हो रही टाइगर सफारी से प्रदेश में पर्यटन को एक नई शुरूआत मिली है। साथ ही, इससे वाबों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन पर विशेष जोर दे रहा है। प्रदेश में 3 नेशनल पार्क, 26 अभयारण्य, 36 कन्जर्वेशन रिजर्व तथा 4 बायोलॉजिकल पार्क विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वाघों के संख्क्षण के निरंतर किए जा रहे प्रयासों से उनकी आबादी बढ़ रही है। राजस्थान में लगभग 130 बाब हैं। उन्होंने कहा कि जेडीए ने जयपुर जिले में दो नए पार्क विकसित किए हैं। जिसमें जीरोता में नगर बन एवं नेवटा के पास वायोडायवर्सिटी पार्क
(Biodiversity Park)
शामिल हैं। इससे आसपास की 5 लाख की आबादी लाभान्वित होगी।
7 किमी के ट्रैक में वन्यजीव प्रेमी निहारेंगे बाघ को
राज्य सरकार द्वारा 453 लाख रूपये की लागत से 30 देर में टाइगर सफारी विकसित की गई है। इस टाइगर सफारी में 7 किलोमीटर का सफारी ट्रैक विकसित किया गया है। यह सफारी सैलानियों को प्राकृतिक वातावरण में बाघों की खूबसूरती को अनुभव करने का अवसर देगी तथा लोगों में बाघ संरक्षण के बारे में जागरूकता का प्रसार होगा। उल्लेखनीय है कि नाहरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य 5 हजार 240 हेक्टेयर में फैला हुआ है। जिसमें नाहरगढ़ जैविक उद्यान 720 हेक्टेयर में विकसित किया गया है। इसमें पहले से ही लॉयन सफारी संचालित है।
Editorial

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