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भोजन निगलने में परेशान महिला का किया इलाज, एम्स के डॉक्टरों ने मरीज को दी राहत, बड़ी सर्जरी से बचाया
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एम्स जोधपुर (AIIMS Jodhpur) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग (Department of Gastroenterology) ने भोजन नली के लिपोमा (lipoma) का एंडोस्कोपिक (endoscopic) रूप से सफल इलाज किया है। दो साल से भोजन निगलने में परेशान महिला का इलाज कर राहत दी गई। 65 साल की महिला जांच में पाया गया था कि भोजन नली में लगभग 9 सेमी का लिपोमा था, जिसकी वजह से महिला को भोजन निगलने में समस्या थी। आमतौर पर, ऐसी स्थिति में जटिल थोराकोस्कोपिक सर्जरी की आवश्यकता होती है, जिसमें छाती को खोलकर भोजन नली तक पहुंचा जाता है। इस मामले में एम्स जोधपुर की ट

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जोधपुर (कासं)। एम्स जोधपुर (AIIMS Jodhpur) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग (Department of Gastroenterology) ने भोजन नली के लिपोमा (lipoma) का एंडोस्कोपिक (endoscopic) रूप से सफल इलाज किया है। दो साल से भोजन निगलने में परेशान महिला का इलाज कर राहत दी गई। 65 साल की महिला जांच में पाया गया था कि भोजन नली में लगभग 9 सेमी का लिपोमा था, जिसकी वजह से महिला को भोजन निगलने में समस्या थी। आमतौर पर, ऐसी स्थिति में जटिल थोराकोस्कोपिक सर्जरी की आवश्यकता होती है, जिसमें छाती को खोलकर भोजन नली तक पहुंचा जाता है। इस मामले में एम्स जोधपुर की टीम ने गांठ को एंडोस्कोपिक रूप से हटाने में सफलता प्राप्त की, जिससे मरीज को बड़ी सर्जरी से बचाया जा सका। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष अग्रवाल और डॉ. छगन लाल बिरदा ने बताया हमने सबम्यूकोसल टनेलिंग एंडोस्कोपिक रिसेक्शन करके एक बड़ी सर्जरी से बचाते हुए मरीज को कम आक्रामक और कम जोखिम वाली प्रक्रिया प्रदान की। यह राजस्थान में अपनी तरह की पहली प्रक्रिया है।

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