Rajasthan Rajput Parishad
मुंबई। राजस्थान राजपूत परिषद (Rajasthan Rajput Parishad), मुंबई का 43वां दशहरा स्नेह सम्मेलन मिरा रोड में धूमधाम से संपन्न हुआ। परिषद अध्यक्ष सौभाग्य सिंह कैलाशनगर के अध्यक्षीय भाषण से शुरुआत हुई और ट्रस्ट बोर्ड के चेयरमैन रतन सिंह तुरा, संरक्षक रघुनाथ सिंह सराणा, कोषाध्यक्ष कानसिंह पृथ्वीराज गुड़ा एवं महामंत्री ईश्वर सिंह करणोत की उपस्थिति में समताराम महाराज एवं मुख्य अतिथि पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह समेत अतिथियों का स्वागत किया गया। पुष्कर से आए संत समताराम महाराज ने कहा, अब सिर कटाने का समय नहीं रहा, बल्कि सिर गिनाने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने कहा कि हम ‍एकजुट नहीं हो पाए, इसलिए हम कमजोर हो गए। उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए सामूहिक सम्मेलन आयोजित करने की बात कही। आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि अब नौकरियों में आरक्षण जाति के आधार के साथ आर्थिक आधार पर दिया जा रहा है। मेघराज सिंह रॉयल ने युवा पीढ़ी को शिक्षित होने की बात कही। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि समाज के बच्चे पाठ्य पुस्तकों के साथ अपने बड़े-बुजुर्गों एवं वीर योद्धाओं के बारे में भी पढ़ें जिनकी बदौलत हम खुले आसमान में सांस ले रहे हैं।
कार्यक्रम में परीक्षाओं में उत्तम अंक प्राप्त करने वाली प्रतिभाओं का सत्कार किया गया। इस दौरान प्रताप सिंह बिठिया (चेयरमैन, दुग्ध डेयरी, पाली), समुंदर सिंह नोसर, सरिता सिंह राठौड़, आरपी सिंह, महेंद्र मालवीय, भरत जडेजा, अंशुमान आनंद मोहन, जयप्रकाश सिंह, राजेंद्र सिंह दाता, विधायक प्रताप सरनाईक, विधायक गीता जैन, पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता, दौलत सिंह (अध्यक्ष, राजपूत समाज पुणे), खींवसिंह (सचिव, राजपूत समाज- सूरत), भंवर सिंह एवं तनसिंह (वापी) आदि उपस्थित रहे।
ये रहे सक्रिय-
सम्मेलन में कल्याणसिंह चंपावत, पिंटू सिंह वादनवाड़ा, गंगासिंह देवान, नारायण सिंह पूरण, महिपाल सिंह भूरटिया, राजू सिंह, गुलाब सिंह, श्याम सिंह, जेठूसिंह, राजू सिंह आकोली, महिपाल सिंह मोदरान, गंगासिंह, महेंद्र सिंह महेचा, पृथ्वीसिंह, महेंद्र सिंह कुंपावत आदि सक्रिय रहे। प्रतापसिंह राठौड़ राजपुरा, खेतसिंह देवडा बांकली, राजेंद्रसिंह यशपालसिंह राठौड, रणवीरसिंह शेखावत, गुमानसिंह देवार, सिलासन दिपसिंह आकोली, गोविंदसिंह राठौड़ राणीगांव, दलपतसिंह, जयनासिंह बीका राठौड, जेठुसिंह चंपावत बुहतरा, विक्रमसिंह देवाल रोडा, सुमेरसिंह देवल करडा, राजेंद्रसिंह दाता, ईन्द्रसिंह चुंडावत वसी, स्वरुपसिंह उदावत भांडु, प्रेमसिंह, मदनसिंह भाटी सेदरिया, महावीरसिंह राठौड़ डीडवाणा, शैतानसिंह देवडा चुली, प्रवीणसिंह कानसिंह, डुंगरी, छैलसिंह, भंवरसिंह झाडोली वीर, गुलाबसिंह चौहान हेमावास, नीरसिंह राठौड सियाणा, शैतानसिंह चौहान सेधला, कैलाशसिंह मेहतिया बेगसर, कानसिंह राठौड पृथ्वीराज गुड़ा, करणसिंह बालावत कालापुरा, लक्ष्मण सिंह छापला, भंवरसिंह जैतसिंह गुड़ा, हुकमसिंह चौहन जैतसिंह गुड़ा, अरुण सिंह राठौड़ भनई, फतेहसिंह सोलंकी कोपरखैरना, परवतसिंह करमावार, गणपत सिंह देवड़ा गुड़ा, जोगसिंह बीजासनी, दौलतसिंह पाथावाड़ा ने सहयोग दिया। भोजन की व्यवस्था क्षत्रिय युवक संघ की नारायण शाखा ने संभाली। सम्मेलन में श्रवण सिंह काठाड़ा, टी के सिंह सिंदल, जालमसिंह, उगमसिंह, विक्रम सिंह, अर्जुन सिंह, उम्मेदसिंह सादड़ा, नाथूसिंह रमणिया, हिम्मतसिंह सिलवनी, परवतसिंह डूंगरी, हर्षवर्धनसिंह खिंवादी, देवेंद्र सिंह जाखड़ी, प्रियांशु सिंह वलाणा, सुरेंद्र सिंह पूरण, सत्यपालसिंह जालसा, कृष्णपालसिंह पृथ्वीराज गुड़ा, उगमसिंह शिवकर, हर्षितसिंह मृगानयनी, देवेंद्र सिंह विरोल, राजू सिंह आकोली, फतेहसिंह मेरमांडवाड़ा, विक्रमसिंह आकोरपादर, करणसिंह कलापुरा, महावीर सिंह बोकड़ा, नरेंद्र सिंह डवाल, मदनसिंह भाटी, श्यामसिंह रेलिया गुड़ा, सज्जनसिंह काकड़ा वास आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Editorial

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