Jainam Jayati Shashanam
मुंबई। साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा के सान्निध्य और तुलसी महाप्रज्ञ फाउण्डेशन के तत्वावधान में कांदिवली में जैनम जयति शासनम् (Jainam Jayati Shashanam) समारोह का आयोजन हुआ। मूर्तिपूजक, स्थानकवासी, दिगम्बर और तेरापंथ सम्प्रदायों के आचार्य संत सतियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। साध्वी वृन्द ने सामूहिक संगान कर स्वागत अभिनन्दन किया। विषय का प्रतिपादन करते हुए साध्वी मंगलप्रज्ञा ने कहा कि आचार्य महाश्र‌मण की प्रेरणा से आज एकता का महत्वपूर्ण आयोजन हो रहा है। सह मिलन सह आसन सह चिन्तन और सह क्रियान्वयन से एकता फलीभूत होती है। साध्वी प्रफुल्ला महाराज ने कहा कि बिखरा हुआ समाज इज्जत नहीं पाता। संगठन में शक्ति होती है। मुनि भास्कर व आचार्य देवकीर्तिसुरीश्वर ने कहा कि आवश्यकता है सभी मिलकर जैन शासन की सुरक्षा और समृद्धि का चिन्तन करें। दिगम्बर सम्प्रदाय के आचार्य विभवसागर ने कहा कि विचारों की पवित्रता एकता का निर्माण करती है। एकता के लिए आवश्यक है कि मैत्री, प्रमोदभाव, करुणा और माध्यस्थ भाव का विकास हो। मुनि प्रबुद्ध सागर ने कहा कि जैन एकता एक साथ एक मंच पर बैठाकर समाज ने बड़ा काम किया है। फाउण्डेशन अध्यक्ष मेघराज धाकड़ ने स्वागत किया। मंत्री प्यारचन्द मेहता ने आभार जताया। संचालन साध्वी राजुल प्रभा ने किया।
Editorial

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